
किसानों-महिलाओं पर फोकस, इंफ्रास्ट्रक्चर व रोजगार पर जोर
सरकार का कहना है कि यह बजट “जनता का और जनता के लिए” है, जिसमें हर हाथ को काम और हर वर्ग को विकास से जोड़ने का रोडमैप शामिल है।
मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया, जिसमें किसान, महिला, युवा और गरीब वर्ग को केंद्र में रखते हुए विकास योजनाओं का विस्तृत खाका रखा गया। बजट में नए कर का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसे विकासोन्मुखी और जनकल्याणकारी बजट बताया।
प्रमुख घोषणाएं व प्रावधान
- जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास हेतु 793 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान।
- पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती और 11,000 नए आवास।
- 1 अप्रैल 2026 से तलाकशुदा बेटियों को भी परिवार पेंशन का लाभ।
- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये और धर्म-संस्कृति संरक्षण हेतु 2,055 करोड़ रुपये।
- पीएम आवास योजना के लिए 6,850 करोड़ तथा पंचायत-ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये।
- लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये; 1.25 करोड़ महिलाओं को लाभ।
- श्रमिक कल्याण योजनाओं हेतु 1,335 करोड़ रुपये।
युवा, उद्योग और रोजगार
सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ‘उद्यम क्रांति योजना’ के तहत अब तक 16,451 युवाओं को ऋण देने की जानकारी दी। औद्योगिक व आईटी पार्क विकसित करने के लिए 19,300 एकड़ भूमि आरक्षित की गई है और पिछले दो वर्षों में 33 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया गया है।
कृषि और ग्रामीण विकास
किसानों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से सालाना 12,000 रुपये की सहायता जारी रहेगी। सिंचाई सुधार के लिए 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप देने की योजना घोषित की गई है। ग्रामीण सड़कों के विस्तार हेतु मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के तहत 21,630 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
स्वास्थ्य व पोषण
सरकारी स्कूलों में कक्षा 8 तक के छात्रों को ‘टेट्रा पैक’ दूध उपलब्ध कराने की योजना शुरू होगी। मेडिकल कॉलेजों में सुपर-स्पेशियलिटी विभागों के विस्तार, स्टेट कार्डियक सेंटर और अंग प्रत्यारोपण संस्थान स्थापित करने की दिशा में भी पहल का संकेत दिया गया है।
सदन में हंगामा
बजट भाषण के दौरान विपक्षी विधायकों ने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा।
विशेष आयोजन व लक्ष्य
उज्जैन में 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ आयोजन के लिए बुनियादी ढांचे पर विशेष फंड का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य राज्य की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 2 ट्रिलियन तक पहुंचाना है।
पिछली बजट तुलना
- 2024-25 बजट: 3.65 लाख करोड़ रुपये
- 2025-26 बजट: 4.21 लाख करोड़ रुपये
- 2026-27 बजट: 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक






