अहम सवाल – घर में लगे सीसीटीवी फुटेज की डेट अलग क्यों? पार्लर से फुटेज क्यों लिए..
मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सास, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार सुबह से ही उनसे लंबी पूछताछ की जा रही थी, जिसके बाद शाम को गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की गई। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

राजधानी भोपाल के चर्चित और हाईप्रोफाइल इस मामले में सीबीआई की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद ही एजेंसी ने गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की रणनीति तैयार कर ली थी। गुरुवार सुबह नई दिल्ली से महिला अधिकारियों सहित सीबीआई की विशेष टीम भोपाल पहुंची, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम ने निर्णायक मोड़ लिया। सीबीआई की टीम सुबह लगभग 10 बजे गिरिबाला सिंह के बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित आवास पर पहुंची। जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में त्विषा शर्मा को सीढ़ियों के सहारे छत की ओर जाते हुए देखा गया, जबकि एक अन्य वीडियो में तीन लोग उन्हें पकड़कर नीचे लाते हुए नजर आ रहे हैं। यह फुटेज 11 मई की रात करीब आठ बजे के बाद का बताया जा रहा है, जो जांच का अहम आधार बना। पूछताछ के दौरान सीबीआई ने गिरिबाला सिंह से कई महत्वपूर्ण सवाल किए। एजेंसी ने यह भी पूछा कि जिस ब्यूटी पार्लर में त्विषा गई थीं, वहां का सीसीटीवी फुटेज उन्होंने किस अधिकार से अपने कब्जे में लिया। उस समय मामला संदिग्ध मौत का था और पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही थी। ऐसे में साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें प्रभावित करने की आशंका पर भी सवाल उठाए गए। सीबीआई ने यह भी जानना चाहा कि यदि ऐसा मामला उनकी अदालत में होता, तो वे आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच किस प्रकार का निर्णय देतीं। पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने कई सवालों के जवाब दिए, लेकिन एजेंसी के अधिकारी उनके उत्तरों से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद सीबीआई की डीएसपी और मामले की जांच अधिकारी निशु कुशवाहा ने उन्हें गिरफ्तारी की जानकारी दी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। शाम करीब पांच बजे के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में उनके बेटे और त्विषा के पति समर्थ सिंह से भी लगातार पूछताछ जारी है। गुरुवार को दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए गए। इसके बाद समर्थ सिंह को अलग स्थान पर ले जाकर पूछताछ की गई। फिलहाल गिरिबाला सिंह पर साक्ष्य मिटाने, साक्ष्यों को प्रभावित करने, दहेज प्रताड़ना और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आगे की कार्रवाई एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भी की जाएगी।

गिरफ्तारी के बाद गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) परिसर में रखा, जहां मेडिकल टीम द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। स्वस्थ पाए जाने के बाद उनसे कुछ और बिंदुओं पर पूछताछ की गई। रात करीब आठ बजे उन्हें सीबीआई कार्यालय लाया गया, जहां उन्हें रखा गया है। शुक्रवार को उनका मेडिकल परीक्षण कर उन्हें भोपाल की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि, एजेंसी उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश करने की भी तैयारी कर रही है, क्योंकि मामला दिल्ली यूनिट द्वारा दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चली पूछताछ के बाद ही सीबीआई ने गिरफ्तारी का निर्णय ले लिया था। इसके बाद स्थानीय पुलिस से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की गई और क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सीबीआई का मानना है कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के बयानों में कई विरोधाभास हैं। इसके अलावा एम्स भोपाल की मेडिकल रिपोर्ट में भी त्विषा के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जो प्रताड़ना की ओर संकेत करते हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
फिलहाल सीबीआई दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। समर्थ सिंह की रिमांड अवधि भी समाप्त होने वाली है, जिसके बाद उन्हें भी कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







