देशभर में इन दिनों मौसम का रुख तेजी से बदलता नजर आ रहा है। जहां एक ओर उत्तर भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर देश के कई राज्यों में तेज आंधी, भारी बारिश और गरज-चमक ने मौसम को सुहावना बना दिया है। इस अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत जरूर दी है, लेकिन साथ ही कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और अगले दो से तीन दिनों में इसके अरब सागर, बंगाल की खाड़ी तथा पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

बदला मौसम का स्वरूप, इन राज्यों में जारी हुआ अलर्ट
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर के समय ही आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। साल्ट लेक, एस्प्लेनेड, जादवपुर और बारानगर जैसे क्षेत्रों में कई घंटों तक तेज बारिश होती रही। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जगह-जगह होर्डिंग और बैनरों को नुकसान पहुंचाया। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और दबाव प्रणाली के कारण अगले दो दिनों तक दक्षिण बंगाल में आंधी और बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। बिहार में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका है, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में भी सक्रिय मौसम
दक्षिण भारत के राज्यों—तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना—में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। केरल और लक्षद्वीप में भारी बारिश को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार वर्षा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।

उत्तर भारत में तापमान में गिरावट की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे दिल्ली-एनसीआर समेत कई क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अभी भी लू चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु तट और श्रीलंका के आसपास समुद्र में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। मछुआरों को इन दिनों समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। साथ ही आम लोगों को भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, खुले मैदानों से दूर रहने और पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदलता मिजाज एक ओर जहां गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर सतर्कता और सावधानी बरतने की भी आवश्यकता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति के साथ मौसम और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।






