बीएसएफ के एक इंस्पेक्टर को ऑनलाइन ठगों ने धोखे से 71 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर 29 दिनों तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखा और लगातार दबाव बनाते हुए उनसे पैसे वसूले।
ठगों ने इंस्पेक्टर पर मनी लॉन्ड्रिंग और उनके मोबाइल नंबर के जरिए कई अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने उनके परिवार को भी इन मामलों में जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अगर खुद और परिवार को जेल से बचाना है तो पैसे देने होंगे। ठगों ने यह रकम कई किस्तों में मांगी, जिसके चलते पीड़ित ने लखनऊ जाकर एफडी तोड़वाई, फ्लैट और जमीन बेच दी, और यहां तक कि दोस्तों व रिश्तेदारों से उधार लेकर भी 70 लाख 29 हजार 990 रुपये ठगों को दे दिए।
इंस्पेक्टर ने साइबर सेल को बताया कि 2 दिसंबर को एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को मुंबई साइबर सेल का अधिकारी बताया। कॉलर ने मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अपराधों के झूठे आरोप लगाकर उनकी गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद वीडियो कॉल पर एक वर्दीधारी व्यक्ति ने उनसे बात की और दावा किया कि पुलिस की टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए तैयार है।
ठगों ने उनकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें किसी से बात करने से रोका और पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा। ठगों ने शुरुआत में 15 लाख रुपये मांगे और वादा किया कि जांच में दोषी साबित न होने पर सारी रकम वापस कर दी जाएगी। इंस्पेक्टर की जमा पूंजी खत्म हो गई, और ठगों ने 94,998 रुपये वापस करके भरोसा दिलाने की कोशिश की। परंतु, इसके बाद उनकी पूरी रकम ठग ली गई। जब इंस्पेक्टर ने यह बात अपने बेटे को बताई, तब परिवार को इस धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस ने इस घटना की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच कर रही है।
बीएसएफ इंस्पेक्टर डिजिटल अरेस्ट; 29 दिन घर में कैद रखकर 71 लाख रूपए ठगे






