कोटा में एक छात्र द्वारा आत्महत्या का इस वर्ष का यह पहला मामला है, जिसने जवाहर नगर थाना क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र के शव को फंदे से उतारकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
नए साल की शुरुआत के मात्र 8 दिन बाद राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में कोचिंग कर रहे एक छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह जवाहर नगर थाना क्षेत्र में हरियाणा के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को उसका शव राजीव गांधी नगर इलाके में स्थित उसके कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला। पुलिस ने सावधानीपूर्वक शव को उतारकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया और मृतक के माता-पिता को सूचना देकर कोटा बुलाया। साथ ही, छात्र के कमरे की तलाशी ली जा रही है और उसके दोस्तों से पूछताछ की जा रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। अभी तक पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
2 साल से जेईई की तैयारी कर रहा था छात्र
कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी ने बताया, “मृतक छात्र का नाम नीरज जाट है, जो हरियाणा के नवा महेंद्रगढ़ का रहने वाला था। नीरज पिछले 2 साल से कोटा के राजीव गांधी नगर स्थित आनंद कुंज रेजिडेंसी में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। मंगलवार देर रात उसने अपने हॉस्टल के कमरे में पंखे के कड़े से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हॉस्टल मालिक ने सुबह पुलिस को सूचना दी। शव को एमबीएस मोर्चरी में रखवा दिया गया है और परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा।”
मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता
हरियाणा से कोटा पहुंचे मृतक छात्र के पिता ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या बताया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके बेटे की मौत संदेहास्पद है। पिता ने बताया कि जिस कमरे में घटना हुई, वहां के पंखे में एंटी-हैंगिंग डिवाइस लगा था, जिससे कोई फांसी पर नहीं लटक सकता। इसके अलावा, पंखे की पंखुड़ियां भी टूटी नहीं थीं। पिता ने कमरे की स्थिति देखकर आत्महत्या की संभावना को नकारते हुए इसे हत्या बताया और कोटा पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है। पिता ने बताया कि नीरज हमेशा कहता था कि उसके पंखे में ऐसा डिवाइस लगा है, जिससे फांसी लगाना संभव नहीं। साथ ही, कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इस कारण उन्होंने घटना पर गंभीर संदेह जताया है।






