संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पर रोक लगाते हुए चार हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। 4 जनवरी को जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने याचिका दाखिल कर सर्वे को रोकने की मांग की थी। इस याचिका पर हाई कोर्ट ने कमेटी को बड़ी राहत दी है। बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिला अदालत में चल रहे मामले की सुनवाई पर रोक लगाई। अदालत ने इंतजामिया कमेटी से चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
हाई कोर्ट का निर्देश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं होगी। संभल की अदालत के फैसले के कुछ समय बाद ही हाई कोर्ट का यह निर्णय आया। अदालत ने इंतजामिया कमेटी को दो हफ्तों के अंदर जवाबी हलफनामा (रिजॉइंडर) दाखिल करने और चार हफ्तों में जवाब देने का निर्देश दिया है।
पक्षकारों की दलीलें
हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन और अधिवक्ता प्रभास पांडेय ने दलीलें दीं, जबकि मुस्लिम पक्ष की तरफ से एसएफए नकवी ने अपनी बात रखी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाई कोर्ट ने भी इस मामले में जल्द सुनवाई करने का निर्देश दिया है।






