प्रयागराज: संभल की जामा मस्जिद में कराए जा रहे सर्वे के खिलाफ दाखिल मुस्लिम पक्ष की पुनरीक्षण याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था, जिसे सोमवार को जारी कर दिया गया।
हाईकोर्ट के इस फैसले से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने सुनाया। मस्जिद इंतजामिया कमेटी द्वारा दाखिल की गई पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने 13 मई को निर्णय सुरक्षित रखा था।
विवाद की पृष्ठभूमि:
यह मामला तब सामने आया जब अधिवक्ता हरिशंकर जैन और सात अन्य व्यक्तियों ने दावा किया कि संभल की जामा मस्जिद एक प्राचीन हरिहर मंदिर के स्थान पर बनाई गई है। उन्होंने जिला अदालत में याचिका दाखिल कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से सर्वेक्षण की मांग की थी। इसके बाद जिला अदालत ने एडवोकेट कमिश्नर के माध्यम से प्रारंभिक सर्वेक्षण का आदेश दिया, जिसे मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि हाईकोर्ट ने पहले ही 8 जनवरी 2025 को सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाई थी। अब सोमवार को आए इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि सर्वे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या नहीं। इस निर्णय पर पूरे देश की निगाहें लगी हुई थीं।
संभल: जामा मस्जिद सर्वे के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की पुनरीक्षण याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में खारिज




