
153 साल में पहली बार नहीं छप सका अखबार
अमेरिका में भीषण बर्फीले तूफान और तेज हवाओं ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने खराब रहे कि कई हवाईअड्डों के रनवे बंद करने पड़े और बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। रविवार से मंगलवार के बीच 10,000 से अधिक फ्लाइट्स निरस्त हुईं, जिनमें सिर्फ सोमवार को ही लगभग 5,600–5,700 उड़ानें शामिल रहीं, जो देश की कुल उड़ानों का करीब 20% थीं। यह आंकड़े फ्लाइट ट्रैकिंग कंपनी फ्लाइटअवेयर ने जारी किए। नेशनल वेदर सर्विस के अनुसार रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स के कुछ इलाकों में लगभग 37 इंच तक बर्फ दर्ज की गई। भारी हिमपात से उत्तर-पूर्वी राज्यों में 6 लाख से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि सोमवार शाम तक 5,19,232 घर और कार्यालय अंधेरे में थे। अत्यधिक बर्फबारी के कारण द बोस्टन ग्लोब अपने 153 साल के इतिहास में पहली बार अखबार का प्रिंट संस्करण प्रकाशित नहीं कर सका क्योंकि कर्मचारी प्रेस तक नहीं पहुंच पाए।
कई राज्यों में आपात स्थिति
सेंट्रल पार्क (न्यूयॉर्क) में रविवार-सोमवार के बीच करीब 20 इंच बर्फ गिरी, जबकि लॉन्ग आइलैंड के इस्लिप क्षेत्र में 22 इंच से ज्यादा हिमपात हुआ। प्रोविडेंस में 32.8 इंच बर्फ दर्ज की गई, जिसने 1978 का 28.6 इंच वाला पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। हालात बिगड़ने पर कई राज्यों में आपातकाल घोषित करना पड़ा। न्यूयॉर्क सिटी में स्कूल, सड़कें, पुल और हाईवे अस्थायी रूप से बंद किए गए। मॉरा हीली ने मैसाचुसेट्स के कुछ हिस्सों में ट्रैवल बैन लागू किया और लोगों से घर में रहने की अपील की, जबकि डैन मैकी ने पूरे रोड आइलैंड में यात्रा प्रतिबंध लगा दिया। कैथी होचुल ने पूरे न्यूयॉर्क राज्य में इमरजेंसी घोषित कर नेशनल गार्ड को अलर्ट पर रखा।
रेल और मनोरंजन सेवाएं भी प्रभावित
तूफान का असर केवल सड़क और हवाई यातायात तक सीमित नहीं रहा। न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच ट्रेन सेवाएं सोमवार रात तक बंद रहीं। प्रसिद्ध थिएटर क्षेत्र ब्रॉडवे के सभी शो रविवार शाम रद्द कर दिए गए। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह लगभग एक दशक का सबसे शक्तिशाली नॉरईस्टर तूफान है, जिसमें कई स्थानों पर प्रति घंटे 2–3 इंच तक बर्फ गिरने और 110 मील प्रति घंटे तक हवा चलने की चेतावनी जारी की गई।
कैसे बनता है नॉरईस्टर तूफान
अमेरिका के उत्तर-पूर्व में आने वाला यह शीतकालीन तूफान विशेष मौसमीय परिस्थितियों के मेल से बनता है। सर्दियों में कनाडा की ओर से अत्यंत ठंडी हवा दक्षिण की तरफ बढ़ती है, जबकि समुद्र से अपेक्षाकृत गर्म व नम हवा ऊपर उठती है। इन दोनों के टकराने से मौसम तेजी से बदलता है और शक्तिशाली बर्फीला तूफान बनता है। अटलांटिक महासागर का अपेक्षाकृत गर्म पानी हवा में नमी बढ़ाकर हिमपात को और तीव्र करता है, जबकि ऊपरी वायुमंडल की तेज जेट स्ट्रीम इस सिस्टम को अतिरिक्त ऊर्जा देती है।






