
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इस वर्ष कुल परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की तुलना में 1.17 प्रतिशत अधिक है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार दोपहर 1 बजे अजमेर स्थित बोर्ड मुख्यालय से आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम घोषित किया। इस बार बोर्ड ने रिकॉर्ड समय में नतीजे जारी कर इतिहास रच दिया है। परीक्षा समाप्त होने के महज 23 दिनों के भीतर परिणाम घोषित किए गए, जो अब तक का सबसे तेज़ रिकॉर्ड है। बोर्ड प्रशासक व संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ के अनुसार, 10वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित हुईं। राज्यभर में 6,195 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं संपन्न कराई गईं। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 30 हजार से अधिक परीक्षकों की तैनाती की गई, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर समय पर परिणाम तैयार किया।
विद्यार्थी अपना परिणाम rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर देख सकते हैं।
इस वर्ष का रिजल्ट एक नजर में
- कुल पास प्रतिशत: 94.23%
- छात्रों का पास प्रतिशत: 93.63%
- छात्राओं का पास प्रतिशत: 94.90%
- पिछले वर्ष से 1.17% की बढ़ोतरी
इस बार भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए छात्रों को पीछे छोड़ा है।
पिछले वर्षों का प्रदर्शन (2019–2025)
- 2025: 93.06%
- 2024: 93.03%
- 2023: 90.49%
- 2022: 82.89%
- 2021: 99.56%
- 2020: 80.64%
- 2019: 79.85%
रिजल्ट जारी करने में लगा समय (2019–2025)
- 2025: 55 दिन
- 2024: 59 दिन
- 2023: 50 दिन
- 2022: 49 दिन
- 2021: कोविड के कारण नियमित परीक्षा नहीं
- 2020: 29 दिन
- 2019: 69 दिन
फैक्ट फाइल
- कुल पंजीकृत विद्यार्थी (10वीं): 10,68,109
- प्रवेशिका में पंजीकरण: 7,817
- कुल परीक्षक: 30,000+
- परीक्षा केंद्र: 6,195
प्रवेशिका परीक्षा का प्रदर्शन
प्रवेशिका परीक्षा 2026 में 7,864 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 7,570 परीक्षार्थी शामिल हुए। कुल पास प्रतिशत 87.11% रहा। प्रथम श्रेणी में 499 छात्र और 460 छात्राएं उत्तीर्ण हुए।
अब साल में दो बार होगी बोर्ड परीक्षा
बोर्ड ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बड़ा बदलाव करते हुए 10वीं की परीक्षा वर्ष में दो बार कराने का निर्णय लिया है। पहली परीक्षा अनिवार्य होगी, जबकि दूसरी परीक्षा वैकल्पिक रहेगी, जिससे विद्यार्थियों को अपने अंक सुधारने का अवसर मिलेगा और परीक्षा का दबाव भी कम होगा। समय पर परिणाम जारी होने से छात्र अब 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र में बिना किसी देरी के प्रवेश ले सकेंगे। शिक्षा मंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।






