1992 के इस अश्लील छायाचित्र ब्लैकमेल कांड में अजमेर की पॉक्सो कोर्ट ने बाकी बचे 6 आरोपियों को दोषी ठहराया है। 32 साल बाद आये इस फैसले में कोर्ट ने इन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस चर्चित मामले में 208 पेज के फैसले के तहत सभी दोषियों को 5-5 लाख रुपए के आर्थिक दंड से भी दंडित किया गया है।
इस प्रकरण में कुल 18 आरोपी थे, जिनमें से एक फरार है और एक आरोपी पहले ही आत्महत्या कर चुका है। बाकी आरोपियों को पहले ही सजा दी जा चुकी है। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि कोर्ट ने सभी 6 दोषियों को आजीवन कारावास और आर्थिक दंड से दंडित किया है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलें खारिज कर दीं और छह दोषियों को जेल भेज दिया।
इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार कर रही जनता कोर्ट में भारी संख्या में मौजूद थी। कोर्ट ने फैसला सुनाते ही सभी दोषियों को जेल भेज दिया, जिनमें से कुछ आरोपी जमानत पर थे।
इस ब्लैकमेल कांड के मामले में पहले ही 6 अन्य आरोपियों को कोर्ट आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है, जबकि कुछ को सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल की सजा दी थी।
यह कांड 1992 में अजमेर में उस समय सामने आया जब एक कलर लैब से कुछ अश्लील फोटो लीक हो गए थे। इन फोटो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और इस घिनौने अपराध का पर्दाफाश हुआ। कांड में 100 से ज्यादा लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ था। कई लड़कियों ने आत्महत्या कर ली और कई ने शहर छोड़ दिया।
कोर्ट के इस फैसले से पीड़िताओं को कुछ राहत मिली है, हालांकि उनका कहना है कि उनका जीवन तबाह हो चुका है और यह राहत उनके दर्द की भरपाई नहीं कर सकती। इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष ने 245 दस्तावेज, 104 गवाह और 22 आर्टिकल पेश किए थे, जिनके आधार पर कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई है।
अजमेर ब्लैकमेल कांड में 32 साल बाद फैसला, अदालत ने 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई






