
ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट में भी तनाव बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद ईरान को रोज़ाना आर्थिक लाभ हो रहा है।
ईरान-अमेरिका-इज़रायल संघर्ष आज 28वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस जंग ने पूरे मिडिल ईस्ट में भारी तबाही मचाई है, जिसमें सबसे अधिक नुकसान ईरान को झेलना पड़ा है। इसके बावजूद ईरान लगातार इज़रायल और क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब इस युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक बातचीत पर जोर देना शुरू कर दिया है। दोनों पक्षों ने युद्धविराम के लिए अपनी-अपनी शर्तें भी सामने रखी हैं। इस संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ा है। इसकी मुख्य वजह होर्मुज स्ट्रेट में उत्पन्न संकट है। यह जलडमरूमध्य दुनिया में तेल और गैस आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, लेकिन युद्ध के चलते यहां से सप्लाई बाधित हुई है। हैरानी की बात यह है कि इस भीषण युद्ध के बीच भी ईरान को इसी मार्ग से बड़ा फायदा हो रहा है।
तेल बिक्री से रोज़ाना हजारों करोड़ की कमाई
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। युद्ध के कारण यहां व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे तेल-गैस आपूर्ति में भी रुकावट आई है। मिडिल ईस्ट के कई देशों का निर्यात घट गया है, लेकिन ईरान ने इस स्थिति में रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है। युद्ध के बावजूद ईरान लगातार तेल निर्यात कर रहा है, जबकि अन्य देश पहले जितना निर्यात नहीं कर पा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च महीने में ईरान कच्चे तेल की बिक्री से प्रतिदिन करीब 139 मिलियन डॉलर (लगभग 1.3 हजार करोड़ रुपये) कमा रहा है।
ईरान कैसे उठा रहा है फायदा?
वैश्विक तेल संकट के चलते कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे ईरान के तेल की मांग और कीमत दोनों बढ़ गई हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण का लाभ उठाते हुए ईरान ने अन्य देशों की सप्लाई को सीमित कर अपने तेल के निर्यात को बढ़ावा दिया है। दुनियाभर में तेल की कमी से महंगाई बढ़ रही है और कई देश प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन ईरान इस परिस्थिति को अपने पक्ष में भुना रहा है।
अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा नकारात्मक असर
जहां इस युद्ध से अमेरिका और इज़रायल की अर्थव्यवस्थाओं को लगातार नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान, हमलों के बावजूद, तेल निर्यात के दम पर अपनी अर्थव्यवस्था को संभाले हुए है। इतना ही नहीं, मौजूदा हालात में उसकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलती दिख रही है।






