
एलपीजी गैस लेकर एक और भारतीय जहाज गुजरात के बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया है। ‘जग वसंत’ नाम का यह पोत हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक निकलकर भारत पहुंचा है। वहीं, ‘पाइन गैस’ नामक एक अन्य भारतीय जहाज भी जल्द ही देश पहुंचने की संभावना है।
ईरान में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आंशिक बाधा के कारण कई दिनों से फंसा भारतीय ध्वज वाला जहाज ‘जग वसंत’ शुक्रवार सुबह गुजरात के तट पर पहुंच गया। इससे पहले ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ दोनों जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया था। शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बीते सोमवार को इन दोनों जहाजों को ईरान के लारक और केश्म द्वीपों के बीच देखा गया था। पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते ये दोनों जहाज उन 22 भारतीय पोतों में शामिल थे, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए थे। ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में आंशिक प्रतिबंध लगाए जाने से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ में कुल 92,612 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है। ‘जग वसंत’ पर 33 और ‘पाइन गैस’ पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं।
इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नामक भारतीय जहाज भी करीब 92 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर देश पहुंच चुके हैं। भारत में घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों के लिए एलपीजी की मांग लगातार बनी रहती है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण आपूर्ति पर असर पड़ा था, लेकिन भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर ईरान से संवाद कर अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की। ईरान ने भी स्पष्ट किया है कि भारतीय जहाजों के आवागमन पर कोई रोक नहीं है।






