
एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की है कि सऊदी अरब में हुए भीषण सड़क हादसे में मारे गए भारतीयों के पार्थिव शरीरों को भारत लाने में मदद की जाए।
गल्फ न्यूज के मुताबिक, उमराह यात्रियों को ले जा रही बस मक्का से मदीना की ओर जा रही थी, तभी मुहरास या मुफरिआत क्षेत्र में सुबह करीब 1.30 बजे उसका डीजल टैंकर से टकराव हो गया। हादसे के समय कई यात्री सो रहे थे। टक्कर के तुरंत बाद बस में आग लग गई, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल पाया। हादसा इतना भीषण था कि कई शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। हादसे में 45 लोगों की मौत हुई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सऊदी अरब में हुए इस दर्दनाक हादसे में मारने वाले भारतीय नागरिकों में अधिकांश हैदराबाद के रहने वाले थे। यह हादसा उस समय हुआ जब उमराह यात्रा पर गए लोगों को ले जा रही बस एक तेल टैंकर से टकरा गई। सऊदी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दुर्घटना मदीना के पास हुई और सभी मृतक उमराह यात्री थे। इसकी पुष्टि हैदराबाद के पुलिस आयुक्त ने भी की है। पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बताया कि हैदराबाद से 9 नवंबर को 54 लोग उमराह के लिए जेद्दाह गए थे। इनमें से कुछ लोग अलग-अलग वाहनों में यात्रा कर रहे थे, जबकि 46 लोग उस बस में थे, जो हादसे का शिकार हुई। बस में सवार 46 यात्रियों में से सिर्फ एक व्यक्ति जीवित बच पाया है और उसका इलाज जारी है। पुलिस आयुक्त के अनुसार, 45 लोगों की मौत हो चुकी है और वे सभी 23 नवंबर को हैदराबाद लौटने वाले थे। एआईएमआईएम विधायक माजिद हुसैन ने भी कहा कि शुरुआती रिपोर्ट्स में 40 से अधिक मौतों की जानकारी मिली है और पीड़ित परिवारों से संपर्क किया जा रहा है। तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी हादसे पर शोक जताया और बताया कि सीएम ने मुख्य सचिव और डीजीपी को तुरंत पूरे मामले की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विदेश मंत्रालय और सऊदी दूतावास से भी संपर्क करने को कहा गया है। राज्य सचिवालय में पीड़ित परिवारों को जानकारी देने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्होंने हैदराबाद की दो ट्रैवल एजेंसियों से इस बात की जानकारी मांगी है कि सऊदी गए यात्री कौन-कौन थे। साथ ही उन्होंने रियाद दूतावास के अधिकारियों से भी संपर्क किया है। ओवैसी ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अबु मैथ्यू जॉर्ज ने बताया कि वे जानकारी जुटा रहे हैं और जल्द अपडेट देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई इस घटना से वे अत्यंत व्यथित हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दाह का महावाणिज्य दूतावास हर तरह की सहायता कर रहा है। जेद्दाह स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने भी बताया कि हादसे से प्रभावित यात्रियों के लिए 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हादसे पर दुख जताया और कहा कि रियाद और जेद्दाह में भारतीय मिशन पीड़ितों की पूरी सहायता कर रहे हैं। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के स्वस्थ होने की कामना की। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी शोक व्यक्त करते हुए बताया कि दूतावास अधिकारी लगातार जानकारी जुटा रहे हैं और पीड़ितों के परिवारों की हरसंभव सहायता की जा रही है।
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