
मतदाता सूची तैयार करने के काम में लगे बीएलओ मुकेशचंद जांगिड़ ने रविवार सुबह ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। उनकी जेब से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने सर्वे कार्यक्रम के अत्यधिक दबाव और अधिकारियों द्वारा की जा रही प्रताड़ना का उल्लेख किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना रविवार सुबह बिंदायका रेलवे फाटक की है, जहां 48 वर्षीय मुकेशचंद जांगिड़ बाइक से पहुंचे थे। फाटक बंद था और जैसे ही ट्रेन स्टेशन पार कर फाटक की ओर आई, मुकेश रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और ट्रेन के आगे कूद गए। उनके घर सूचना पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। शाम को जब शव घर लाया गया तो पत्नी मीना देवी, बेटियां अन्नू और ज्योति तथा बेटे अंशु का रो-रोकर बुरा हाल था।
मुकेश के भाई गजानंद के अनुसार, मौके पर जांच के दौरान मुकेश की जेब से पैसे और चाबियों के साथ एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें ताराचंद बुनकर नामक व्यक्ति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया और फोटो लेने की अनुमति भी नहीं दी। मुकेश जांगिड़ नारी का बास स्थित सरकारी स्कूल में कार्यरत थे। वे करीब ग्यारह वर्षों से बीएलओ के रूप में सेवाएं दे रहे थे और उनके खिलाफ अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई थी।
“मुकेश हमारे श्रेष्ठ बीएलओ में से एक थे। यदि कोई आरोप सामने आ रहे हैं तो उसकी अलग से जांच करवाई जाएगी।”- मेघराज मीणा उप जिला निर्वाचन अधिकारी






