
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव अब बेहद गंभीर और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। एक ओर इजरायल ने आज ईरान पर करीब 50 लड़ाकू विमानों के जरिए बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की, वहीं इसके जवाब में ईरान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए एक साथ कई देशों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं।
मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं और क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। इजरायल ने ईरान के भीतर घुसकर उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों और हथियार निर्माण इकाइयों को निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, यह हमला कई घंटों तक चला, जिसमें सैन्य उद्योग और मिसाइल सिस्टम से जुड़ी फैक्ट्रियों को टारगेट किया गया। हालांकि, इस हमले में हताहतों की संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इजरायली सेना का दावा है कि हमले में नागरिक इलाकों को निशाना नहीं बनाया गया।
इजरायली कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला तेज कर दिया। ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को निशाना बनाया। सबसे पहले सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमला किया गया, जिसे समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया। इसके बाद यूएई के खलीफा इकोनॉमिक जोन पर हमला हुआ, जिसमें भारी नुकसान और कई लोगों के घायल होने की खबर है। ओमान के सलालाह पोर्ट पर भी ड्रोन हमला किया गया, जिसमें एक विदेशी कर्मचारी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। इसके अलावा बहरीन और कुवैत पर भी मिसाइल हमलों की सूचना है। इस संघर्ष में अब नए मोर्चे भी खुलते दिख रहे हैं। इजरायल जहां एक ओर ईरान से सीधे भिड़ रहा है, वहीं वह हिजबुल्लाह के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहा है। हिजबुल्लाह नेतृत्व ने इजरायल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। इसी बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी इस जंग में खुलकर प्रवेश कर लिया है। हूती समूह ने इजरायल के दक्षिणी शहर बेर्शेबा और आसपास के इलाकों पर हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि उनका अभियान अपने उद्देश्य की पूर्ति तक जारी रहेगा।
कुल मिलाकर, यह टकराव अब एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेता जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।






