
‘यह सनकी व्यक्ति पश्चिम एशिया को आग में झोंक सकता है’-मो. अल-बरादेई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले महीने ईरान को शांति समझौते के लिए दी गई 10 दिन की समयसीमा अब समाप्ति के करीब है और केवल 48 घंटे शेष रह गए हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े पैमाने पर हमलों की आशंका गहराने लगी है। इस बीच, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के पूर्व महानिदेशक मोहम्मद अल-बरादेई ने ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद खाड़ी देशों से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने संभावित विनाशकारी सैन्य टकराव को लेकर चिंता जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पड़ोसी देश पूरी ताकत के साथ आगे आएं, इससे पहले कि हालात बेकाबू हो जाएं। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी देते हुए कहा कि उसे शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे। उन्होंने अपने बयान में कहा कि पहले दिए गए 10 दिन के समय और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की चेतावनी को याद रखा जाए, क्योंकि अब समय तेजी से खत्म हो रहा है और 48 घंटे बाद सख्त कार्रवाई हो सकती है।
वैश्विक शक्तियों से भी गुहार
अल-बरादेई ने अपनी चिंता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाते हुए संयुक्त राष्ट्र के साथ रूस, चीन और फ्रांस से भी अपील की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस बढ़ते संकट और संभावित युद्ध को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सकता। गौरतलब है कि 26 मार्च को ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले 6 अप्रैल 2026 तक रोक देगा। उन्होंने कहा था कि यह फैसला ईरान के अनुरोध पर लिया गया है और कूटनीतिक समाधान की दिशा में बातचीत जारी है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद ईरान पर इस्राइली हमले जारी रहे, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए। इसी कारण ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता से किनारा कर लिया और उस पर युद्धविराम की आड़ में तेहरान को निशाना बनाने का आरोप लगाया।






