
पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका भले ही जल्द सैन्य अभियान समाप्त करने की बात कर रहा हो, लेकिन क्षेत्र में टकराव पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा। इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने दावा किया है कि ईरान में अमेरिका अपने “अधिकांश सैन्य उद्देश्यों” को हासिल कर चुका है।
अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान में अपने ज्यादातर सैन्य लक्ष्य पूरे कर लिए हैं, हालांकि कुछ समय तक कार्रवाई जारी रहेगी ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लंबे समय के लिए कमजोर किया जा सके। एक पॉडकास्ट में वेंस ने स्पष्ट किया कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान में लंबे समय तक सैन्य मौजूदगी के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि मिशन पूरा होते ही अमेरिकी सेना वहां से वापस लौट जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए इस बार अभियान को पूरी तरह अंजाम दिया जा रहा है।
इस बीच, क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। हालांकि वेंस का कहना है कि यह असर अस्थायी होगा और हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं। उधर, यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान के नौसैनिक जहाजों पर किए गए हवाई हमलों का वीडियो जारी किया है। अमेरिका का आरोप है कि ये जहाज लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय जहाजों को बाधित कर रहे थे, जिसे अब खत्म किया जा रहा है। दूसरी ओर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा है कि उसने दुबई स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे भारी नुकसान हुआ। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में कई अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं, हालांकि अमेरिका ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशिकियन ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि यदि वे अमेरिका और इजराइल का समर्थन करते हैं या अपनी जमीन उनके उपयोग के लिए देते हैं, तो इससे उनकी सुरक्षा और विकास पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।






