
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरानी सेना ने यूएई और कुवैत पर हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है।
ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी संघर्ष का आज 38वां दिन है, और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस बीच ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया और युद्ध विराम पर सहमति नहीं बनी, तो ईरान के पावर प्लांट्स और प्रमुख पुलों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने इसके लिए मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक की समयसीमा तय की है। इस चेतावनी के बीच ईरान ने भी पलटवार करते हुए सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं।
यूएई और कुवैत पर तेज हमले
ईरान ने यूएई और कुवैत पर एक बार फिर से ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। ईरानी सेना द्वारा ताबड़तोड़ हमले किए गए, जिनका दोनों देशों के एयर डिफेंस सिस्टम जवाब देने में जुटे हुए हैं। यूएई और कुवैत की ओर से बताया गया है कि वे इन हमलों को नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं। संघर्ष की शुरुआत से ही ईरान यूएई और कुवैत को निशाना बनाता रहा है। हमलों का मुख्य लक्ष्य तेल भंडार, ऊर्जा संयंत्र, बुनियादी ढांचा और अमेरिकी सैन्य ठिकाने रहे हैं। अब तक हुए हमलों में कई ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। ईरान का कहना है कि ये हमले उन देशों के खिलाफ हैं जो अमेरिका का समर्थन कर रहे हैं और अपनी जमीन को ईरान विरोधी गतिविधियों के लिए उपलब्ध करा रहे हैं।





