
जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर..
क्या नियमित रूप से हर महीने ब्लीडिंग होने के बाद भी कोई महिला गर्भवती हो सकती है? यह सवाल अक्सर कई महिलाओं के मन में उठता है। कई मामलों में महिलाएं बताती हैं कि उन्हें हर महीने पीरियड्स जैसे लक्षण महसूस होते रहे, लेकिन बाद में पता चला कि वे प्रेग्नेंट हैं। आखिर ऐसा कैसे संभव है? आइए स्त्री रोग विशेषज्ञ से इसके पीछे के कारण समझते हैं। आमतौर पर प्रेगनेंसी का सबसे पहला संकेत पीरियड्स का रुकना माना जाता है। लेकिन कुछ स्थितियों में महिलाओं को ब्लीडिंग होती रहती है, जिससे वे भ्रमित हो जाती हैं और गर्भावस्था का अंदाजा नहीं लगा पातीं। यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण होते हैं। इसलिए यह मान लेना गलत है कि यदि ब्लीडिंग हो रही है तो प्रेगनेंसी नहीं हो सकती। हाल ही में डॉ. ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने एक महिला को उसकी चार महीने की प्रेगनेंसी के बारे में बताया। महिला का कहना था कि उसे हर महीने पीरियड्स हो रहे थे। यह सुनकर हैरानी होना स्वाभाविक है, लेकिन इसके पीछे कुछ मेडिकल कारण होते हैं।
पीरियड्स का मिस होना प्रेगनेंसी का संकेत?
सामान्यतः जब गर्भधारण होता है, तो मासिक धर्म रुक जाता है। यही वजह है कि पीरियड्स का मिस होना प्रेगनेंसी का प्रमुख संकेत माना जाता है। लेकिन कई बार शरीर में होने वाले बदलावों के कारण ब्लीडिंग होती रहती है, जो पीरियड्स जैसी लग सकती है।
किन कारणों से प्रेगनेंसी में भी हो सकती है ब्लीडिंग?
- इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग
जब निषेचित अंडा गर्भाशय की दीवार में चिपकता है, तो हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग हो सकती है। यह अक्सर पीरियड्स के समय के आसपास होती है, जिससे महिलाएं इसे सामान्य पीरियड्स समझ लेती हैं। कुछ मामलों में यह ब्लीडिंग थोड़ी अधिक भी हो सकती है।
- डेसिडुअल ब्लीडिंग
प्रेगनेंसी के शुरुआती चरण में हार्मोन पूरी तरह संतुलित नहीं होते। ऐसे में गर्भाशय की परत का कुछ हिस्सा झड़ सकता है, जिससे ब्लीडिंग होती है। यह बिल्कुल पीरियड्स जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन गर्भावस्था जारी रहती है।
- हार्मोनल असंतुलन और गर्भनिरोधक गोलियां
यदि कोई महिला गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कर रही है, तो उसे ‘विड्रॉल ब्लीडिंग’ हो सकती है। अगर इस दौरान दवा लेने में गड़बड़ी हो जाए और गर्भधारण हो जाए, तो भी ब्लीडिंग जारी रह सकती है, जिसे अक्सर सामान्य पीरियड्स समझ लिया जाता है।
अन्य संभावित कारण
- एक्टोपिक प्रेगनेंसी
- सर्वाइकल इरिटेशन
- किसी प्रकार का संक्रमण
बीएमआई और प्रेगनेंसी का संबंध
शरीर का वजन और बीएमआई हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करते हैं। अधिक वजन होने पर हार्मोनल गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है, जिससे ब्लीडिंग का पैटर्न अनियमित हो सकता है। ऐसे में प्रेगनेंसी की पहचान करना कठिन हो सकता है। हर ब्लीडिंग को पीरियड्स समझ लेना सही नहीं है। यदि किसी महिला को नियमित ब्लीडिंग के बावजूद प्रेगनेंसी के लक्षण महसूस हों, तो उसे तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा, उपचार या घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।






