महाराष्ट्र: मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली में भूकंप के झटके, नुकसान की ख़बर नहीं

4.7 थी तीव्रता, जमीन से दस किलोमीटर की गहराई पर था भूकंप का केंद्र

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र स्थित हिंगोली जिले में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.7 दर्ज की गई। भूकंप का असर आसपास के नांदेड़ और परभणी जिलों में भी देखा गया, हालांकि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की खबर सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र हिंगोली जिले की वसमत तहसील के शिरली गांव में जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि यह झटका सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर दर्ज किया गया। हिंगोली के पांगरा शिंदे गांव में भूकंप के कारण कुछ मकानों और सामुदायिक भवनों में दरारें आने की सूचना मिली है। जिला कलेक्टर राहुल गुप्ता ने बताया कि स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक टीमें मौके पर भेजी गई हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। भूकंप के झटके नांदेड़ शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों, अर्धापुर, हदगांव और हिमायतनगर तहसीलों के अलावा परभणी जिले के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। एक स्थानीय कॉलेज शिक्षक ने बताया कि अचानक कंपन महसूस हुआ, जिससे कुछ देर के लिए लोग घबरा गए, लेकिन झटका हल्का था। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामूली संरचनात्मक क्षति की ही जानकारी मिली है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। एहतियात के तौर पर नांदेड़ और परभणी में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं।

प्रशासन की सलाह और सुरक्षा उपाय
प्रशासन ने टिन-शेड वाले घरों में छत पर रखे भारी पत्थरों को हटाने की सलाह दी है। इसके स्थान पर चादरों को बोल्ट से मजबूती से बांधने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी संभावित आफ्टरशॉक या असामान्य हलचल की स्थिति में तुरंत खुले स्थान पर जाने की हिदायत दी गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर प्रशासन को सूचित करें।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading