
मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। केसी घाट और बंशीवट के बीच श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट पांटून पुल से टकराकर पलट गई, जिसमें छह महिलाओं सहित 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के समय नाव में लुधियाना, हिसार और मुक्तसर के करीब 37 श्रद्धालु सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत पांटून पुल को हटाने का काम चल रहा था। आरोप है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए ही पुल को हटाया जा रहा था। इसी दौरान मोटरबोट उस क्षेत्र में पहुंच गई और अनियंत्रित होकर पुल से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से पहले कई बार नाविक को सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हो गया। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और पांटून पुल हटाने में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 2:30 बजे श्रद्धालु श्रृंगार घाट से दो मोटरबोट में सवार होकर यमुना विहार के लिए निकले थे। जिस नाव में हादसा हुआ, उसमें 37 लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव की रफ्तार अधिक थी और श्रद्धालुओं ने चालक से गति धीमी करने को कहा, लेकिन उसने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया।
जैसे ही मोटरबोट पांटून पुल के पास पहुंची, वहां पानी कम होने और तेज हवा के कारण नाव असंतुलित हो गई। अचानक पुल से टकराने के बाद नाव का संतुलन बिगड़ गया और एक तरफ वजन बढ़ने से वह पलट गई। देखते ही देखते नाव में सवार लोग यमुना में डूबने लगे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय गोताखोरों और नाविकों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस और पीएसी की टीम भी मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। अब तक 22 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डूबे हुए लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमों को भी लगाया गया है। ड्रोन कैमरों की मदद से भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जो देर रात तक जारी रहा। कुछ श्रद्धालु देर रात तक लापता बताए गए।
हादसे से पहले सभी श्रद्धालुओं ने निधिवनराज मंदिर में दर्शन किए थे और उसके बाद यमुना में नौका विहार के लिए निकले थे।
घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।





