
जेडी वेंस ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उनके कार्यक्रम की शुरुआत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात से होगी, जिसके बाद औपचारिक बातचीत का दौर शुरू किया जाएगा। इस वार्ता में दोनों पक्षों के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी शामिल होंगे। इस्लामाबाद में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मौजूदगी में अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता की शुरुआत होने जा रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस पहल को निर्णायक करार दिया है। माना जा रहा है कि इस अहम बैठक के नतीजे मिडिल ईस्ट की स्थिरता और भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जेडी वेंस सबसे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भेंट करेंगे। इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके तुरंत बाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर चर्चा का मुख्य दौर शुरू होगा। शहबाज शरीफ ने इस बैठक को ‘मेक-ऑर-ब्रेक’ क्षण बताते हुए कहा है कि यह केवल औपचारिक वार्ता नहीं, बल्कि ऐसा अवसर है जो या तो स्थायी शांति की राह खोल सकता है या हालात को और जटिल बना सकता है। उनके अनुसार, मिडिल ईस्ट की शांति काफी हद तक इसी बैठक के परिणामों पर निर्भर करेगी।
पाकिस्तान की अहम भूमिका
इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान स्वयं को एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान की मंशा है कि कोई ठोस समाधान निकले और क्षेत्र में स्थिरता कायम हो। इस्लामाबाद में आयोजित यह वार्ता इसलिए भी खास है क्योंकि यहां केवल दो देशों के बीच बातचीत नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय होने की संभावना है।
ट्रंप का सस्पेंस बरकरार
इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी प्रशासनों की आलोचना करते हुए कहा कि दशकों तक केवल बातचीत होती रही, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। हालांकि, उन्होंने मौजूदा वार्ता के नतीजों को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उनका कहना है कि अगली बैठक ही तय करेगी कि आगे की राह क्या होगी यह अंतिम दौर है या बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने संक्षेप में कहा, “देखते हैं, कल क्या नतीजा निकलता है।”






