
594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे पर आपात स्थिति में लड़ाकू विमान भी उतर सकेंगे
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने वाले मेरठ–प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को हरदोई के सलेमपुर में किया जाएगा। 594 किलोमीटर लंबा यह अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे पूर्व और पश्चिम यूपी को जोड़ते हुए यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा। इस हाई-टेक एक्सप्रेस-वे पर सफर को “जीरो रिस्क” बनाने के लिए कई उन्नत इंतजाम किए गए हैं, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को न तो थकान महसूस होगी और न ही उनींदापन। इससे समय की बचत के साथ यात्रा का अनुभव भी बेहतर होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे की खासियत यह है कि यहां सिर्फ वाहन ही नहीं दौड़ेंगे, बल्कि आपात स्थिति में लड़ाकू विमानों की लैंडिंग भी संभव होगी। इसके लिए चार स्थानों पर विशेष हवाई पट्टियां विकसित की गई हैं, जिनमें शाहजहांपुर के जलालाबाद में 3.5 किमी लंबी पट्टी शामिल है। एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें विश्राम स्थल, चिकित्सा सेवाएं, ट्रॉमा सेंटर और भोजनालय शामिल हैं। इसके अलावा, सड़क किनारे रंबल स्ट्रिप्स लगाई गई हैं, जो वाहनों के गुजरने पर कंपन उत्पन्न कर चालकों को सतर्क करेंगी, जिससे थकान के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।
मेरठ से प्रयागराज के बीच कुल 15 टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, जहां कर्मचारियों की तैनाती पूरी कर ली गई है। साइनबोर्ड और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम भी सक्रिय हो चुके हैं। यह एक्सप्रेस-वे मेरठ-हापुड़ रोड के बिजौली गांव से शुरू होगा और चार किलोमीटर आगे खड़खड़ी में पहला टोल प्लाजा आएगा। खास बात यह है कि टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। पूरे एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हर हिस्से पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने, स्टंट करने या किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि करने वाले लोग तुरंत कैमरों में कैद हो जाएंगे, जिससे इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
उद्घाटन से पहले बिजौली इंटरचेंज के मार्गों को अस्थायी रूप से मिट्टी डालकर बंद किया गया है, जिन्हें एक दिन पहले खोल दिया जाएगा। तब तक इस एक्सप्रेस-वे पर आम लोगों के प्रवेश की अनुमति नहीं है। उद्घाटन के बाद भी वाहनों की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित रहेगी। गंगा एक्सप्रेस-वे पूरी तरह तैयार है और इसमें पथ प्रकाश, हरियाली, टोल प्लाजा सहित सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उद्घाटन के बाद इस पर वाहन तेज रफ्तार से दौड़ते नजर आएंगे, जिससे प्रदेश में आवागमन का एक नया अध्याय शुरू होगा।





