
आधार कार्ड में बड़े बदलावों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों पर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने स्पष्टता दी है। सवाल उठ रहे थे कि क्या वाकई आधार का डिज़ाइन बदलने वाला है या यह केवल अफवाह है, अब इस पर स्थिति साफ कर दी गई है। पीआईबी ने आधार कार्ड के डिज़ाइन को सिर्फ एक फोटो और क्यूआर कोड तक सीमित किए जाने संबंधी सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी आधिकारिक बयान में इन खबरों को भ्रामक बताया गया और लोगों से अपील की गई कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें, ताकि अनावश्यक भ्रम से बचा जा सके।
डिज़ाइन में बदलाव की कोई योजना नहीं
पीआईबी के अनुसार, समय-समय पर इस तरह की खबरें और पोस्ट सामने आती रहती हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि साल के अंत तक आधार कार्ड का स्वरूप बदल जाएगा और उसमें केवल फोटो व क्यूआर कोड ही रह जाएंगे। पीआईबी ने साफ किया है कि यह पूरी तरह गलत है और ऐसे किसी बदलाव की कोई योजना नहीं है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब लगातार यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) 12 अंकों वाले आधार का कोई संक्षिप्त संस्करण ला सकता है।
सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर करें भरोसा
पीआईबी ने अपुष्ट खबरों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ये आम लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रही हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल यूआईडीएआई और पीआईबी के वेरिफाइड सोशल मीडिया हैंडल या आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। आधार दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणालियों में से एक है, जिसमें अब तक 1.4 अरब से अधिक लोगों का पंजीकरण हो चुका है। समय-समय पर यूआईडीएआई द्वारा इसकी सुरक्षा सुविधाओं को अपडेट किया जाता रहा है। साथ ही, mआधार ऐप और क्यूआर कोड आधारित ई-आधार जैसे डिजिटल विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि, भौतिक आधार कार्ड के डिज़ाइन में किसी बदलाव को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।





