महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा में हिंसा
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के धौलाना क्षेत्र में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा उस समय हिंसक हो गई, जब मामूली कहासुनी ने बड़ा रूप ले लिया। साठा चौरासी क्षेत्र के गांव देहरा में शोभायात्रा के समापन के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। दोनों ओर से जमकर पथराव और मारपीट हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान उपद्रवियों ने कई दुकानों, घरों और खड़े वाहनों को निशाना बनाते हुए व्यापक तोड़फोड़ की। बवाल में दरोगा वरुण कुमार समेत कुल सात लोग घायल हो गए, जिनमें एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस को हालात नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

जानकारी के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा बुलंदशहर के गुलावठी से शुरू होकर गांव देहरा पहुंची थी, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद इसका समापन होना था। इसी दौरान पास की एक दुकान पर सामान लेने गए युवक और स्थानीय व्यक्ति के बीच किसी टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते यह कहासुनी बड़े टकराव में बदल गई और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग पहले से ही घरों की छतों पर मौजूद थे और वहीं से पथराव शुरू कर दिया गया। करीब 20 मिनट तक लगातार पत्थरबाजी होती रही। कई उपद्रवी छतों पर चढ़ गए और कुछ दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की। इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता और मारपीट के आरोप भी सामने आए हैं। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। घटना के दौरान पुलिस ड्रोन से निगरानी भी कर रही थी, इसके बावजूद हिंसा को रोक पाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। मौके से 30 से अधिक मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं, जिन्हें उपद्रवी छोड़कर फरार हो गए थे। घटना में घायल लोगों में सुहेल, हासिम, कामिल, दानिश, औरंगजेब (निवासी देहरा) तथा रोहित राणा (निवासी डाहना) शामिल हैं। इनमें सुहेल की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, एक युवक छत से गिरने के बाद भीड़ के हत्थे चढ़ गया, जिसे बुरी तरह पीटा गया। उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एडीजी भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि डीएम कविता मीना और एसपी ज्ञानंजय सिंह भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। देर रात तक अधिकारी धौलाना थाने में डटे रहे। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है और वीडियो फुटेज व पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और निगरानी बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी तरह की अफवाह न फैल सके। हालांकि, फिलहाल इंटरनेट सेवा बंद करने की कोई योजना नहीं है। प्रशासन ने जिले के सभी अधिकारियों को अगले आदेश तक मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हमला सुनियोजित था और छतों पर पहले से पत्थर इकट्ठा किए गए थे। वहीं पुलिस हर पहलू की गहन जांच में जुटी है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने की बात कह रही है।





