सीकर में ‘गेस पेपर’ से मेल खाते प्रश्नों ने बढ़ाई जांच की आंच
परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर उठे सवाल
राजस्थान समेत पूरे देश में आयोजित नीट परीक्षा-2026 अब विवादों के घेरे में आ गई है। खासतौर पर सीकर जिले से सामने आई जानकारी ने परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि परीक्षा से एक दिन पहले बांटे गए कथित ‘गेस पेपर’ में शामिल कई प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं। इस सूचना के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दिन ही कुछ विद्यार्थियों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रों का आरोप था कि परीक्षा से पहले उन्हें जो गेस पेपर मिला था, उसमें दिए गए कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा में भी आए। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर स्थानीय पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और छात्रों को औपचारिक जांच का आश्वासन देकर लौटा दिया। पुलिस से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर विद्यार्थियों ने सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को ई-मेल के माध्यम से दस्तावेजी साक्ष्य भेजकर शिकायत दर्ज कराई। मामला उच्च स्तर तक पहुंचते ही राजस्थान के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया और एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) तथा एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) को जांच के निर्देश दिए।

उच्चस्तरीय टीम गठित, संदिग्धों से पूछताछ जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस और एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के नेतृत्व में विशेषज्ञ अधिकारियों की एक टीम गठित की गई। टीम ने सीकर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पिछले दो दिनों से संदिग्ध युवकों व छात्रों से लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने शहर के पिपराली रोड और नवलगढ़ रोड स्थित विभिन्न हॉस्टलों पर दबिश देकर करीब 8 संदिग्ध छात्रों व युवकों को हिरासत में लिया है। इन सभी से उद्योग नगर थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा कोतवाली, गोकुलपुरा और दादिया थानों की पुलिस भी जांच में सहयोग कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि 2 मई की रात को कुछ छात्रों के पास कथित गेस पेपर पहुंचे थे। इन पेपर्स में शामिल फिजिक्स और बायोलॉजी विषय के कई प्रश्न वास्तविक नीट परीक्षा में भी आए। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सीकर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।
अधिकारियों का सीकर में डेरा, जांच जारी
सूत्रों के अनुसार, एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा, एडीजीपी दिनेश एमएन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी सीकर में डेरा डाले हुए हैं और मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित पेपर लीक का स्रोत क्या था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा पर पेपर लीक के आरोप लगे हों। पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाएं विवादों में रही हैं। रीट-2021, सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती-2022, पटवारी भर्ती, जेईएन परीक्षा, लाइब्रेरियन भर्ती, और आरओ/ईओ भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, डमी अभ्यर्थी और अन्य अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। यहां तक कि एसआई भर्ती परीक्षा-2021 को भी रद्द करना पड़ा था।
निष्पक्षता पर उठते सवाल
नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस प्रकार के आरोप सामने आना न केवल छात्रों के भविष्य के लिए चिंताजनक है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों पर टिकी हैं, जिनसे निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।






