सीबीएसई ने दी छात्रों को राहत; पुनर्मूल्यांकन शुल्क घटाया

बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन शुल्क 700 रुपये और 500 रुपये से घटकर 100 रुपये किया

ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और बहस के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) और उत्तर पुस्तिका सत्यापन (Verification) से जुड़े शुल्क में भारी कटौती कर दी है। अब यह शुल्क घटाकर मात्र 100 रुपये कर दिया गया है, जबकि पहले यह क्रमशः 700 रुपये और 500 रुपये तक था। इस फैसले से न केवल छात्रों पर आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ भी बनेगी। सीबीएसई का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच कई तरह की चिंताएं सामने आ रही थीं। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शुल्क में कटौती का निर्णय लिया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया में भाग ले सकें और अपने अंकों को लेकर संतुष्ट हो सकें।

अब कितना लगेगा आवेदन शुल्क?
सीबीएसई के सचिव संजय कुमार के अनुसार, अब छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखने के लिए केवल 100 रुपये का शुल्क अदा करेंगे। इसके अलावा, उत्तर पुस्तिका के सत्यापन के लिए भी 100 रुपये ही निर्धारित किए गए हैं, जबकि किसी विशेष प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन के लिए मात्र 25 रुपये शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच प्रक्रिया के दौरान छात्र के अंक बढ़ते हैं या उनमें कोई संशोधन होता है, तो उससे लिया गया पूरा शुल्क वापस कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े। संजय कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई दोनों के लिए छात्रों का हित सर्वोपरि है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी छात्र को यह महसूस न हो कि उसे उसके वास्तविक प्रदर्शन से कम अंक मिले हैं। उन्होंने बताया कि पुनर्मूल्यांकन की सुविधा पहले से ही उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे और अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जा रहा है, ताकि अंकन प्रक्रिया पूरी तरह सटीक और निष्पक्ष हो।

पहले कितना था शुल्क?
पहले इस प्रक्रिया में छात्रों को काफी अधिक शुल्क देना पड़ता था।

  • पहले चरण में उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए प्रति विषय 700 रुपये शुल्क लिया जाता था।
  • दूसरे चरण में त्रुटियों के सत्यापन के लिए प्रति उत्तर पुस्तिका 500 रुपये का शुल्क निर्धारित था।
  • वहीं, पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये देने होते थे।

अब इन सभी शुल्कों में उल्लेखनीय कमी की गई है, जिससे यह प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी किफायती हो गई है।

स्कैन कॉपी प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया
सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं—

  • सबसे पहले छात्र को मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
  • कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए फीस और समय-सारणी पहले से निर्धारित की जा चुकी है।
  • आवेदन केवल संबंधित छात्र द्वारा ही किया जाना चाहिए; बोर्ड ने साइबर कैफे या किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से आवेदन करने से बचने की सलाह दी है।
  • स्कैन कॉपी छात्र की लॉगिन आईडी पर उपलब्ध कराई जाएगी, जहां से वह इसे आसानी से डाउनलोड कर सकेगा।
  • कॉपियां “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर जारी की जाएंगी, यानी जो छात्र पहले आवेदन करेगा, उसे पहले कॉपी मिलेगी।
  • छात्र एक से अधिक विषयों के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन आवेदन एक ही बार में करना अनिवार्य होगा।
  • यदि छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह आगे सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकता है।

इस नई व्यवस्था के जरिए सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और छात्र-अनुकूल बनाने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है।

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