‘370 की बिरयानी’ विवाद: प्रणीत और हिमांशु पर नामजद एफ़आईआर दर्ज़

‘370 रुपये की बिरयानी’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर कानूनी मामले का रूप ले चुका है। इस प्रकरण में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में गुरुग्राम पुलिस ने दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई 12 अप्रैल को गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप शो के दौरान हुई घटना से जुड़ी है, जहां दर्शक के रूप में मौजूद हिमांशु जांगड़ा ने महिलाओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की गई थी। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस आयुक्त शिबास कविराज ने मामले में जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने डीएलएफ फेज-2 थाने में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294, 75(2), 75(3), 353(3) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रीय महिला आयोग से प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई है और दोनों आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

विवाद की जड़ क्या है?
पूरा मामला एक ‘क्राउडवर्क’ वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें कॉमेडियन प्रणीत मोरे दर्शकों के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान 22 वर्षीय हिमांशु जांगड़ा ने अपने डेटिंग अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि उसने एक महिला के साथ डेट पर 370 रुपये की चिकन बिरयानी खाई थी। बातचीत के दौरान हिमांशु ने कहा, “370 रुपये लगे हैं, उसे तो वसूल करूंगा ही।” इसके बाद उसने यह भी टिप्पणी की कि वह इस खर्च की भरपाई शारीरिक संबंध बनाकर करना चाहता था। यह टिप्पणी जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आई, इसे व्यापक रूप से महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील माना गया।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर भारी विरोध देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने इस बयान को महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया और कहा कि किसी डेट पर खर्च किया गया पैसा किसी भी व्यक्ति को दूसरे के शरीर या संबंधों पर अधिकार नहीं देता। आलोचकों ने इसे ‘सहमति’ की मूल अवधारणा के खिलाफ बताया। विवाद बढ़ने के बाद हिमांशु जांगड़ा को उसकी कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया। वहीं, कॉमेडियन प्रणीत मोरे को भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के चलते राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुग्राम पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।

कॉमेडियन की भूमिका पर भी सवाल
इस पूरे मामले में प्रणीत मोरे की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। आलोचकों का कहना है कि जब मंच पर यह आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही थी, तब उन्होंने उसे रोकने या चुनौती देने के बजाय माहौल को हल्के में लेते हुए बातचीत जारी रखी। इसके अलावा यह भी सवाल उठा कि इस क्लिप को एडिट कर सोशल मीडिया पर अपलोड क्यों किया गया। कई लोगों का मानना है कि वीडियो को सार्वजनिक करना एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी केवल टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की नहीं बल्कि कॉमेडियन की भी बनती है। यह विवाद अब केवल एक कॉमेडी शो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सोशल मीडिया पर महिलाओं के सम्मान, सहमति और सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक बहस का विषय बन गया है।

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