भारत के कई राज्यों में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. कर्नाटक के विजयपुरा, गुजरात के कच्छ और तनिलनाडु के चेंगलपट्टू में सुबह सुबह धरती कांपी, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने यह जानकारी दी. एनसीएस ने बताया कि कर्नाटक के विजयपुरा में सुबह 6.52 बजे 3.1 तीव्रता का भूकंप आया. उत्तरी तमिलनाडु के चैंगलपट्टू जिले में शुक्रवार सुबह 7:29 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 रही है, वही गुजरात के कच्छ जिले में सुबह 9:00 बजे रिक्टर स्केल पर 3.9 की तीव्रता का भूकंप आया।
भूकंप के मामले में 2023 बेहद खतरनाक साबित हुआ है. वर्ष के पहले महीने में ही 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था. आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष 124 बार भूकंप के झटकों से धरती कांपी है. 24 जनवरी को 5.8 तीव्रता के भूकंप से वर्ष की शुरुआत हुई. फिर 3 अक्टूबर को 6.2 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए और 3 नवंबर को 6.4 तीव्रता का भूकंप आया, लोकसभा में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू ने 4 सालों के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2020 से 2023 तक चार वर्षों में भूकंप की सबसे ज्यादा घटनाएं इस वर्ष हुई हैं. भूकंप के सबसे कम झटके वर्ष 2021 में महसूस किए गए थे. उस वर्ष 60 बार भूकंप आया. 2020 में 61 बार और वर्ष 2022 में 65 बार भूकंप से धरती दहली थी. इससे पहले 19 और 20 नवंबर को भी कर्नाटक समेत कई अन्य राज्यों में भूकंप के झटके महसूस हुए थे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसका केंद्र तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से 255 किलोमीटर और नागपुर से 265 किलोमीटर दूर बताया था,
कितनी तीव्रता का भूकंप खतरनाक
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है. जीरो से 1.9 तीव्रता के झटके महसूस नहीं होते, लेकिन 2 से 2.9 तक हल्के झटके महसूस हो सकते हैं. 3 से 4.9 तीव्रता के झटकों का काफी अच्छे से पता चलता, लेकिन अगर इनकी तीव्रता 5 से ज्यादा है तो पंखे हिलने लगते हैं और बेड या कुर्सी पर बैठकर भी हिलता हुआ महसूस होता है. वहीं, अगर 6 से ऊपर की तीव्रता का भूकंप आता है तो इमारतों को नुकसान पहुंचता है. 7 और 8 तीव्रता के भूकंप में इमारतें गिर सकती हैं.




