बजट-2026: क्या इस बार भी बिगड़ेगा आम आदमी का बजट…?

सिर्फ़ 2 मिनट में समझिए एक-एक पैसे का हिसाब, जानिए सरकार की कमाई और खर्च का पूरा ब्योरा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट है। बजट में की गई घोषणाओं के लिए आवंटित धनराशि का स्पष्ट और सरल हिसाब देश के हर नागरिक तक पहुंचना जरूरी माना गया है। ऐसे में आइए, आंकड़ों के जरिए समझते हैं कि बजट का पैसा कहां से आता है और किन मदों में खर्च होता है। हालांकि हर साल बजट पर व्यापक चर्चा होती है, लेकिन आमतौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि सरकार की आय के स्रोत क्या हैं और खर्च का ढांचा कैसा है। सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को सही तरीके से समझने के लिए उसके पाई-पाई के हिसाब को जानना जरूरी है। आंकड़ों के आधार पर जानते हैं कि सरकार धन कहां से जुटाती है और उसे कहां खर्च करती है। वित्त मंत्री ने इस बार 53.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया है। इस कुल राशि को आधार बनाकर यह समझा जा सकता है कि बजट के हर एक रुपये का स्रोत क्या है और उसका उपयोग किन क्षेत्रों में किया जाएगा।

एक रुपये की आमदनी कहां से आती है?
बजट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सरकार हर एक रुपये में से 24 पैसे उधारी और अन्य देयताओं के जरिए जुटाती है। इसके बाद सबसे बड़ा योगदान आयकर का है, जिससे सरकार को 21 पैसे मिलते हैं। निगम कर यानी कंपनियों पर लगने वाले करों से 18 पैसे की आय होती है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और अन्य करों से सरकार को 15 पैसे से अधिक की आमदनी होती है। करों के अलावा अन्य स्रोतों से 10 पैसे प्राप्त होते हैं। वहीं, केंद्रीय उत्पाद शुल्क से 6 पैसे और सीमा शुल्क से 4 पैसे की आय होती है। उधारी के अलावा पूंजीगत प्राप्तियों से सरकार को एक रुपये में 2 पैसे मिलते हैं।

एक रुपये का खर्च किन मदों में होगा?
आंकड़ों के अनुसार, सरकार के पास आने वाले हर एक रुपये में से 20 पैसे ऋणों पर ब्याज चुकाने में खर्च होंगे। 22 पैसे करों और शुल्कों में राज्यों की हिस्सेदारी के रूप में दिए जाएंगे। केंद्रीय योजनाओं पर 17 पैसे खर्च किए जाएंगे, जबकि राज्यों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 8 पैसे निर्धारित किए गए हैं। रक्षा क्षेत्र में 11 पैसे खर्च होंगे। वित्त आयोग और अन्य मदों में 7 पैसे जाएंगे। आर्थिक सहायता के लिए 6 पैसे, पेंशन के लिए 2 पैसे और अन्य मदों में भी हर एक रुपये में से 7 पैसे खर्च किए जाएंगे।

विशिखा मीडिया

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