
इस अभियान का उद्देश्य, समाज में हर बच्चा रहे सुरक्षित- नवीन जैन
राजस्थान सरकार में प्रमुख शासन सचिव एवं झुंझुनू जिले के प्रभारी आईएएस नवीन जैन ने प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल झुंझुनू में आयोजित “स्पर्श – सुरक्षित बचपन” अभियान के तहत विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बारे मे जानकारी दी। इस कार्यक्रम में स्पर्श वॉलिंटियर्स वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौरभ जैन, स्कूल के चेयरमैन डॉ. जी.एल. कालेर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आईएएस नवीन जैन ने बताया कि अगस्त 2019 में बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक छोटे प्रयास के रूप में शुरू हुआ “स्पर्श” अभियान आज समाज में सकारात्मक बदलाव की एक सशक्त मुहिम बन चुका है। “सैटरडे फॉर सोसाइटी” पहल के अंतर्गत वे प्रत्येक शनिवार अपनी टीम के साथ बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान के प्रति जागरूक कर रहे हैं। यह अभियान राजस्थान के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच चुका है और अब तक लाखों बच्चे इससे जुड़कर अपने अधिकारों को समझने लगे हैं। उन्होंने बताया कि “स्पर्श” अभियान के माध्यम से अब तक करीबन 20 लाख बच्चों को जागरूक किया जा चुका है। शिक्षा सचिव के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान “सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित राजस्थान” अभियान के तहत 26 अगस्त 2023 को एक ही दिन में लगभग 65 हजार स्कूलों में 63 लाख से अधिक बच्चों, 3.45 लाख शिक्षकों तथा सवा लाख अतिथियों और अभिभावकों को जागरूक कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था।
आईएएस नवीन जैन का मानना है कि समाज के प्रत्येक नागरिक को किसी न किसी सकारात्मक अभियान से अवश्य जुड़ना चाहिए, चाहे वह पर्यावरण संरक्षण हो, बेटियों की शिक्षा हो या उनकी सुरक्षा। उन्होंने कहा कि एक छोटा सा प्रयास समय के साथ आंदोलन का रूप ले लेता है, और वही आंदोलन समाज में वास्तविक परिवर्तन लाता है। “स्पर्श” अभियान के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है, वे सही और गलत के बीच अंतर समझने लगे हैं तथा गलत के खिलाफ आवाज उठाने का साहस कर रहे हैं।
आईएएस नवीन जैन ने बताया कि बिना किसी कार्यालय और आर्थिक सहायता के शुरू किया गया उनका यह अभियान इतना व्यापक स्वरूप ले लेगा, उन्होंने यह कभी नहीं सोचा था। स्कूलों में संचालित यह मुहिम अब तक लाखों बच्चों को लाभान्वित कर चुकी है। श्री जैन ने बताया कि देश में छोटे बच्चों के साथ बढ़ती यौन हिंसा की घटनाओं ने उन्हें गहराई से सोचने पर मजबूर किया, जिसके बाद उन्होंने करीब छ: वर्ष पूर्व इस अभियान की शुरुआत की। धीरे-धीरे यह पहल एक जनआंदोलन में बदल गई और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक स्वयंसेवक “सैटरडे फॉर सोसाइटी” यानी “एक शनिवार समाज के लिए” के तहत हर सप्ताह स्कूलों में जाकर बच्चों को जागरूक करने लगे।

“स्पर्श” अभियान के प्रणेता श्री नवीन जैन ने बताया कि यह एक सतत चलने वाली पहल है, जिसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी जोड़ा जा रहा है। यह संकल्प एक ऐसे भारत की परिकल्पना करता है, जहाँ बच्चे, किशोर और युवा सुरक्षित, सम्मानजनक और भय-मुक्त बचपन जी सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह स्वैच्छिक है, न किसी संस्था से जुड़ा है और न ही इसमें किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन होता है। इस अभियान से डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, मैनेजमेंट एक्सपर्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स स्वयंसेवक के रूप में जुड़े हुए हैं। यह पूरी तरह पेपरलेस और ऑफिसलेस पहल है, जो केवल स्वयंसेवकों के सहयोग से संचालित हो रही है। पिछले छह वर्षों से बिना किसी कार्यालय और आर्थिक सहायता के व्यक्तिगत स्तर पर संचालित इस अभियान में टीम न तो किसी प्रकार की आर्थिक मदद की अपेक्षा करती है और न ही प्रचार की। उनका एकमात्र उद्देश्य बच्चों को असुरक्षित स्पर्श से बचाना और ऐसा समाज बनाना है, जहाँ किसी भी मासूम के साथ गलत नियत से छेड़छाड़ न हो। वॉलिंटियर्स के सहयोग से चलाया जा रहा यह अभियान ‘चाइल्ड अब्यूज’ की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, महाराष्ट्र) सहित थायलैंड में भी अपनी पहुंच बना चुका है।






