अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा कभी भी जाति आधारित सर्वेक्षण में अड़चन पैदा करने की नहीं थी. उन्होंने कहा कि रविवार को यहां क्षेत्रीय परिषद की बैठक अच्छी रही और सभी मुद्दों पर कोई न कोई निर्णय लिया गया है. बिहार में हुए जाति आधारित सर्वेक्षण को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि जब उनकी पार्टी बिहार में सत्ता में थी तो उन्होंने जाति आधारित सर्वेक्षण का समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने भी विधेयक को मंजूरी दे दी है. शाह ने कहा कि जाति सर्वेक्षण को लेकर कुछ मुद्दे हैं, उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनका समाधान करेगी. गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का कभी भी जाति आधारित सर्वेक्षण में बाधा उत्पन्न करने का कोई इरादा नहीं था. बिहार में किए गए जाति-आधारित सर्वेक्षण के बारे में उन्होंने कहा कि जब उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में थी, तो उसने जाति-आधारित सर्वेक्षण का समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने भी विधेयक को मंजूरी दे दी है.
गृह मंत्री ने कहा, ‘कुछ मुद्दों का समाधान कर लिया गया है और कुछ मुद्दों पर विचार करने के लिए समितियां बनाई गई हैं.’ बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए. बैठक में अनाजों के लिए न्यूनतम मूल्य, जल बंटवारा, बुनियादी ढांचे का निर्माण आदि जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई. अगस्त 2022 में जदयू द्वारा भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर राज्य में महागठबंधन सरकार बनाने के बाद अमित शाह और नीतीश कुमार ने बिहार में मंच साझा किया. बता दें कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद में बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड राज्य शामिल हैं. बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए. बैठक में अंतर-राज्य परिषद सचिवालय के सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव, राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.




