देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में से एक टाटा ग्रुप किसी पहचान का मोहताज नहीं है. रसोई में इस्तेमाल होने वाले नमक के पैकेट से लेकर आसमान की सैर कराने वाले एयर इंडिया के विमान तक में ये नाम आपको दिख जाएगा. आधुनिक भारत के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाने वाले इस बिजनेस ग्रुप की कंपनियों ने देश के नए संसद भवन और अयोध्या के राम मंदिर निर्माण में भी अपना अहम रोल निभाया है. टाटा प्रोजेक्ट को इस काम के लिए अवार्ड भी मिला है।
टाटा ने देश को पहली बार दीं ये चीजें
टाटा ग्रुप के फाउंडर जमशेद जी टाटा को इंडियन कॉरपोरेट सेक्टर का पितामाह भी कहा जाता है. देश में पहला इंटीग्रेटेड टाटा स्टील प्लांट 1907 में, जबकि इंडिया सीमेंट्स कंपनी 1912 में टाटा ग्रुप द्वारा ही शुरू की गई थी. यही नहीं भारत का अपनी तरह का पहला इंडस्ट्रियल बैंक टाटा ग्रुप ने 1917 में खोला था. इसके अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं, जो टाटा ग्रुप से ही देश को मिली हैं।
बीमा सेक्टर से एविएशन तक
देश की पहली भारतीय बीमा कंपनी न्यू इंडिया एन्सुरेन्स कम्पनी थी, जो 1919 में टाटा ने शुरू की थी. पहली विमानन कंपनी टाटा एयर लाइन्स जो अब एयर इंडिया है, 1932 में शुरू की गई थी. टाटा ग्रुप ने ही भारत में पहली बार 1983 में आयोडीन वाला नमक पैकेट में बेचना शुरू किया था. ग्रुप ने कंस्ट्रक्शन सेक्टर में कभी ना भुलाए जाने वाला काम किया है. इसका उदाहरण है मुंबई का ताज होटल और अब इस लिस्ट में देश की नई संसद और अयोध्या का राम मंदिर भी जुड़ गया है।
राम मंदिर में भी टाटा कंपनी का रोल
अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर की 22 जनवरी 2024 को इसकी प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है. जिसकी तैयारियां तेज हो गई हैं. इसके निर्माण में भी टाटा ग्रुप ने अपनी भूमिका निभाई है. मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को मिली थी और टाटा कंस्ट्रक्शन कंपनी को L&T के काम को देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में टाटा कंसल्टेंसी मंदिर परियोजना के लिए मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रही है।
टाटा प्रोजेक्ट्स ने ही तैयार किया है नया संसद भवन
अयोध्या के राम मंदिर से पहले टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा प्रोजेक्ट्स ने भारत के नए संसद भवन के निर्माण का ठेका लेकर इसे बनाया था. टाटा प्रोजेक्ट्स ने संसद के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया में L&T की 865 करोड़ रुपये की बोली के मुकाबले 861.90 करोड़ रुपये की बोली लगाकर कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था. हालांकि, इसके पूरा होते-होते ये बजट बढ़कर रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था और बीते 19 सितंबर 2023 से इसमें संसद की कार्यवाही शुरू हो चुकी है।





