देश में सूख रहीं हैं नदियां, नहीं बचा पर्याप्त पानी, केंद्रीय जल आयोग के जारी आंकड़ों में खुलासा

भारत की नदियां लगातार सूख रही हैं। महानदी और पेन्नार के बीच पूर्व की ओर बहने वाली 13 नदियों में इस समय पानी नहीं है। इनमें रुशिकुल्या, बाहुदा, वंशधारा, नागावली, सारदा, वराह, तांडव, एलुरु, गुंडलकम्मा, तम्मिलेरु, मुसी, पलेरु और मुनेरु शामिल हैं। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की ओर से जारी आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यह बात सामने आई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा राज्यों के 86,643 वर्ग किमी क्षेत्र से बहती हुईं नदियां सीधे बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। इस बेसिन में कृषि भूमि कुल क्षेत्रफल का लगभग 60 फीसदी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मी के चरम से पहले ही यह स्थिति चिंताजनक है। संयुक्त बेसिन में महत्वपूर्ण शहर विशाखापत्तनम, विजयनगरम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी, श्रीकाकुलम और काकीनाडा शामिल हैं।

150 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण क्षमता गिरी
देश के 150 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण क्षमता 36 फीसदी तक गिर चुकी है। छह जलाशयों में कोई जल भंडारण दर्ज नहीं किया गया है। वहीं, 86 जलाशय ऐसे हैं जिनमें भंडारण या तो 40 प्रतिशत या उससे कम है। सीडब्ल्यूसी के अनुसार, इनमें से ज्यादातर दक्षिणी राज्यों, महाराष्ट्र और गुजरात में हैं। 11 राज्यों के लगभग 2,86,000 गांव गंगा बेसिन पर स्थित हैं, जहां पानी की उपलब्धता धीरे-धीरे घट रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह चिंता की बात है, क्योंकि यहां कृषि भूमि कुल बेसिन क्षेत्र का 65.57 फीसदी है। नर्मदा, तापी, गोदावरी, महानदी और साबरमती नदी घाटियों में उनकी क्षमता के सापेक्ष क्रमशः 46.2 फीसदी, 56, 34.76, 49.53 और 39.54 फीसदी भंडारण रिकॉर्ड किया गया। कर्नाटक और तेलंगाना में कम वर्षा भी अहम कारण…कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्य वर्षा की कमी के कारण सूखे से जूझ रहे हैं, जिससे देश के प्रमुख जलाशय सूख गए हैं। चिंताजनक बात यह है कि इसमें से 7.8% क्षेत्र अत्यधिक सूखे की स्थिति में ह35.2 फीसदी क्षेत्र में सूखा
गंगा, ब्रह्मपुत्र, सिंधु, कावेरी के बेसिन के कई क्षेत्र अलग-अलग स्तर के सूखे का सामना कर रहे हैं। देश में कम से कम 35.2% क्षेत्र वर्तमान में असामान्य से असाधारण सूखे के अंतर्गत है। इसमें से 7.8% क्षेत्र अत्यधिक सूखे की स्थिति में है और 3.8% क्षेत्र असाधारण सूखे के अंतर्गत है। एक साल पहले यह स्थिति क्रमश: 6.5 और 3.4% थी।

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