डब्लूएचओ का कहना है कि मानवीय मदद की सप्लाई से उन्हें थोड़ी उम्मीद बनी है। युद्ध की विभिषिका झेल रही गाजा पट्टी की जनसंख्या भुखमरी के कगार पर पहुंच गई है। डब्लूएचओ ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही युद्धविराम नहीं हुआ तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे। डब्लूएचओ का ये भी दावा है कि गाजा में हालात इस कदर खराब हैं कि वहां के 36 अस्पतालों में से महज 15 ही आधी-अधूरी सुविधाओं के साथ काम कर रहे हैं।
डब्लूएचओ का कहना है कि ‘गाजा में लोग राहत सामग्री के काफिले को लूट रहे हैं। अस्पतालों में दवाईंयां, मेडिकल सप्लाई, खाना और ईंधन लेकर जा रहे काफिले को भूख से परेशान लोग रास्ते में ही लूट रहे हैं, जिससे उनकी सप्लाई बाधित हो रही है। डब्लूएचओ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि गाजा में युद्धविराम के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं वरना गाजा में गंभीर मानवीय संकट पैदा हो सकता है। फिलहाल गाजा में भुखमरी और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। डब्लूएचओ ने कहा कि ‘अगर खाने की सप्लाई ऐसे ही बाधित होती रही तो उनके लिए गाजा में राहत कार्य करना बहुत मुश्किल हो जाएगा। बीते हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में गाजा में मानवीय मदद पहुंचाने पर सहमति बनी लेकिन संघर्ष विराम को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ। इस पर डब्लूएचओ का कहना है कि मानवीय मदद की सप्लाई से उन्हें थोड़ी उम्मीद बनी है कि गाजा में हालात बेहतर होंगे लेकिन गाजा में तुरंत युद्धविराम करने की जरूरत है।’
गाजा में स्वास्थ्य व्यवस्था तबाह हो गई है। गाजा के अस्पतालों में दवाईयां, डॉक्टरों और अन्य मेडिकल सप्लाई की भारी कमी है। गाजा के अल-शिफा अस्पताल में ही 50 हजार लोग शरण लिए हुए हैं। वहीं अल-अमाल अस्पताल में 14 हजार लोग रह रहे हैं। गाजा के अधिकतर अस्पताल क्षतिग्रस्त हैं और बुरी तरह से तबाह हो चुके हैं। बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। गाजा में गंभीर बीमारियां फैलने का भी खतरा पैदा हो गया है। डब्लूएचओ के अनुसार, गाजा में 13 अस्पताल आधी अधूरी सुविधाओं के साथ काम कर रहे हैं। और 21 अस्पताल पूरी तरह से बंद हैं





