अमेरिका और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमले का जवाब दिया है। जो बाइडेन के मुल्क ने यमन में हूती के ठिकानों पर हमला किया है। इसमें उसे ब्रिटेन का भी साथ मिला है। दोनों ने साथ मिलकर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इजराइल और हमास के बीच जहां 7 अक्टूबर, 2023 से जंग जारी है, वहीं लाल सागर में हूती विद्रोहियों ने आतंक मचाया हुआ है। यमन के हूती विद्रोही लाल सागर में अमेरिका और ब्रिटेन के जहाजों को निशाना बना रहे हैं। हूती विद्रोहियों के हमले का जवाब अब अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर दिया है। दोनों देशों ने यमन में हमला किया, जिससे पूरा देश दहल गया है। हवाई हमलों के बाद कई शहरों में धमाके सुनाई दिए। हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
गौरतलब है कि इस्राइल हमास युद्ध के बाद से हूती विद्रोहियों द्वारा फलस्तीनियों के समर्थन में लाल सागर इलाके में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जा रहा था। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा प्रभावित हो रही थी। अमेरिका की नौसेना ने कई बार हूती विद्रोहियों के हमलों के नाकाम भी किया था। अमेरिका ने चेतावनी भी दी थी कि अगर हमले नहीं रुके तो इसके बड़े दुष्परिणाम होंगे। अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा के लिए निगरानी भी बढ़ा दी थी। भारत ने भी अपने पांच युद्धक जहाजों को अरब सागर और लाल सागर में तैनात किया है.
व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर बताया कि ‘व्यापारिक जहाजों पर लाल सागर में हमलों के बाद अमेरिका ने व्यापारिक जहाजों को हूती विद्रोहियों के हमलों से बचाने के लिए 20 से ज्यादा देशों के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन प्रोसपैरिटी गार्जियन’ शुरू किया था। बीते हफ्ते 13 सहयोगी देशों के साथ हमने हूती विद्रोहियों को चेतावनी जारी की थी और कहा था, कि अगर उन्होंने व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद नहीं किए तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आज हूती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमले साफ संदेश है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश दुनिया के सबसे अहम शिपिंग कर्मशियल रूट पर नेविगेशन की आजादी से समझौता नहीं करेंगे।’ अमेरिका और ब्रिटेन के हमले का हूती ने भी जवाब दिया है। हूती के विदेश मंत्री हुसैन अल-एजी ने अमेरिका और ब्रिटेन को गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, हमारे देश पर अमेरिकी और ब्रिटिश के विमानों ने बड़े पैमाने पर आक्रामक हमला किया। उन्हें भारी कीमत चुकाने और गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।





