कलकत्ता हाई कोर्ट के तेज-तर्रार न्यायधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने भाजपा में शामिल होने का एलान किया। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेज दिया है। इस्तीफे की कॉपी मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम को भी भेज दी गई है। भाजपा में शामिल होने का एलान करने के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने बताया कि पार्टी उन्हें जो भी सीट देगी, वहां से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। एक प्रेस कॉन्फेरेंस में भाजपा में शामिल होने को लेकर उन्होंने कहा, “मैं भाजपा में शामिल हो रहा हूं, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय पार्टी है और बंगाल में टीएमसी के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है।” न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने शिक्षक भर्ती घोटाला सहित कई मामलों में अहम फैसले दिए। गौरतलब है कि गंगोपाध्याय इसी साल अगस्त में रिटायर होने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा था कि उन्होंने न्यायाधीश के रूप में अपना काम पूरा कर लिया है।
मंगलवार को इस्तीफा देने के बाद अभिजीत गंगोपाध्याय अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करेंगे। सोमवार को न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा था, “अदालत में एक न्यायाधीश उन मामलों से निपटता है जो उसके सामने आते हैं, वो भी अगर कोई व्यक्ति मामला दायर करता है तो। लेकिन जितना मैंने देखा और महसूस किया है हमारे देश में और हमारे राज्य में बहुत असहाय लोग हैं। इसलिए मैंने सोचा है कि केवल राजनीतिक क्षेत्र ही उन लोगों को उनके लिए कार्य करने का मौका दे सकता है जो उन असहाय लोगों के संबंध में कदम उठाना चाहते हैं।” उनके इस्तीफे की खबर के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह राजनीतिक क्षेत्र में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अब उनके बयान से साफ हो गया है कि वह राजनीति का ही हिस्सा बनने जा रहे हैं।
2018 में कलकत्ता हाई कोर्ट न्यायाधीश के तौर पर हुई थी नियुक्ति
जस्टिस गंगोपाध्याय वही हैं, जिन्होंने सीबीआई को जांच की धीमी गति पर फटकार लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत की बात कही थी। वह हमेशा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के निशाने पर रहे। वह अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले न्यायाधीश के रूप में जाने जाते हैं।




