इंडिया गठबंधन में शामिल कई दलों का कहना है कि बीजेपी को लोकसभा चुनाव में हार का डर सता रहा है. इसीलिए वो घबराहट में विपक्षी दलों के सामने दिक्कतें खड़ी कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केजरीवाल की गिरफ़्तारी का विरोध करते हुए कहा,”बीजेपी अहंकारी हो गई है और हर दिन लोकसभा चुनाव में अपनी जीत के खोखले दावे कर रही है. चुनाव से पहले वो हर दिन ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से विपक्ष को कमज़ोर करने की कोशिश में लगी है.” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि ”डरा हुआ तानाशाह” एक मरा हुआ लोकतंत्र बनाना चाहता है. इंडिया गठबंधन इसका माकूल जवाब देगा.
एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी से ये जाहिर हो गया है कि लोकसभा चुनाव के नज़दीक आते ही केंद्र सरकार विपक्ष के नेताओं से बदला लेने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. उन्होंने कहा,”इस गिरफ़्तारी से जाहिर हो गया है कि बीजेपी सत्ता के लिए किस हद तक जा सकती है. इंडिया गठबंधन अरविंद केजरीवाल की इस गिरफ़्तारी के खिलाफ एकजुट है.”
तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने केजरीवाल की गिरफ़्तारी के समय को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद गिरफ़्तारी हो रही है. उन्होंने कहा,” जब चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई तो विपक्ष के हर नेता को प्रताड़ित किया जा रहा है.”
सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने लोकसभा चुनाव में जनता बीजेपी को खारिज करने वाली है. इसी घबराहट में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह के कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा,”अरविंद केजरीवाल इंडिया गठबंधन में शामिल दूसरे सीएम हैं जिन्हें गिरफ़्तार किया गया है.
सीपीआई के महासचिव डी राजा ने कहा कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और ऐसे में केजरीवाल की गिरफ़्तारी बीजेपी की घबराहट को दिखा रही है.
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी केजरीवाल की गिरफ़्तारी का विरोध किया है. अखिलेश यादव ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ़्तारी से एक नई जन क्रांति पैदा होगी. पीडीपी चीफ महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ़्तारी राजनीतिक बदला लेने के लिए हुई है. यह देश में बढ़ते अधिनायकवाद का संकेत है.






