सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। पहली जुलाई से कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत में 4 फीसदी की वृद्धि होने की प्रबल संभावना बन गई है। श्रम ब्यूरो द्वारा जून, 2024 के लिए जारी अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू 1.5 अंक बढ़ कर 141.5 (एक सौ इकतालीस दशमलव एक) पर संकलित हुआ है। मई में सामान्य सूचकांक 139.9 पर संकलित हुआ था। फेस्टिवल सीजन में सरकारी कर्मियों के लिए सितंबर के दौरान डीए/डीआर मिलने की घोषणा हो सकती है। डीए/डीआर की मौजूदा दरों में पहली जुलाई से बढ़ोतरी होगी।
बता दें कि केंद्र सरकार में एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों को पहली जनवरी से देय महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की वृद्धि की सौगात मिली थी। इस वृद्धि के साथ डीए की मौजूदा दर 46 से 50 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। अब पहली जुलाई से एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों को डीए में बढ़ोतरी की सौगात मिल सकती है। फरवरी, मार्च व अप्रैल माह के दौरान औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की सर्वे रिपोर्ट सकारात्मक है। फरवरी में यह सूचकांक 0.3 अंक बढ़कर 139.2 अंकों के स्तर पर संकलित हुआ था। मार्च में इस सूचकांक में 0.3 अंक की कमी देखी गई, लेकिन अप्रैल 2024 का अखिल भारतीय मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 0.5 अंक बढ़कर 139.4 अंकों के स्तर पर संकलित हुआ है। ऐसे में सभव है कि डीए दर में कम से कम चार फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। सीपीआई-आईडब्ल्यू सूचकांक के जारी होने के बाद केन्द्र सरकार के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को जुलाई, 2024 से मिलने वाले डीए/डीआर में चार प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। डीए/डीआर की दरों में बढ़ोतरी के लिए सितंबर के दूसरे सप्ताह में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक संभव है।
’54’ फीसदी हुआ डीए तो इतना होगा फायदा
• किसी कर्मचारी का मूल वेतन 18 हजार रुपये है तो 54 प्रतिशत महंगाई भत्ते के हिसाब से उसके वेतन में हर माह लगभग 720 रुपये बढ़ जाएंगे। 50 प्रतिशत के हिसाब से डीए 9000 रुपये बनता है, 54 प्रतिशत होने से 9720 रुपये हो जाएगा। यानी डीए की दर में बढ़ोतरी के बाद उसके वेतन में 720 रुपये का इजाफा होगा।
• कर्मचारी का मूल वेतन 25 हजार रुपये है तो उसे प्रतिमाह 1000 रुपये का फायदा होगा। 50 प्रतिशत के हिसाब से उसका डीए 12500 रुपये बनता है। 54 प्रतिशत की वृद्धि से वह राशि 13500 रुपये होगी। यानी डीए की दर में बढ़ोतरी के बाद उसके वेतन में 1000 रुपये का इजाफा हो जाएगा।
• जिस कर्मी की बेसिक सेलरी 35 हजार रुपये है तो उसे प्रतिमाह 1400 रुपये ज्यादा मिलेंगे। मौजूदा समय में 50 प्रतिशत के हिसाब से उसे 17500 रुपये डीए मिलता है, 54 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद वह राशि 18900 रुपये होगी। यानी डीए की दर में बढ़ोतरी के बाद उसके वेतन में 1400 रुपये का इजाफा हो जाएगा।
• 45 हजार रुपये की बेसिक सेलरी वाले कर्मी के लगभग 1800 रुपये बढ़ेंगे। मौजूदा समय में 50 प्रतिशत के हिसाब से डीए 22500 रुपये बनता है, 54 प्रतिशत के हिसाब से 24300 रुपये होगा। यानी डीए की दर में हुई बढ़ोतरी से उसके वेतन में 1800 रुपये का इजाफा हो जाएगा।
• ऐसे कर्मी, जिन्हें 52 हजार रुपये बेसिक सेलरी मिलती है तो डीए बढ़ोतरी पर उन्हें हर माह 2080 रुपये का फायदा होगा। 50 प्रतिशत के हिसाब से डीए 26000 रुपये बनता है, 54 प्रतिशत के हिसाब से उसे 28080 रुपये मिलेंगे। यानी डीए की दर में बढ़ोतरी के बाद उसके वेतन में 2080 रुपये का इजाफा हो जाएगा।
• 70 हजार रुपये की बेसिक सेलरी वाले कर्मचारी को लगभग 2800 रुपये का फायदा होगा। 50 प्रतिशत के हिसाब से उसका डीए 35000 रुपये बनता है। 54 प्रतिशत के हिसाब से डीए की राशि 37800 रुपये हो जाएगी। यानी डीए की दर में बढ़ोतरी के बाद उसके वेतन में 2800 रुपये का इजाफा हो जाएगा।
• 85,500 रुपये की बेसिक सेलरी पर लगभग 3420 रुपये का इजाफा होगा। 50 प्रतिशत के हिसाब से उसका डीए 42750 रुपये बनता है, 54 प्रतिशत के हिसाब से वह राशि 46170 रुपये हो जाएगी। यानी डीए की दर में बढ़ोतरी के बाद उसके वेतन में 3420 रुपये का इजाफा होगा।
• एक लाख रुपये बेसिक सेलरी वाले कर्मियों के खाते में हर माह 4000 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। 50 प्रतिशत के हिसाब से उसका डीए 50000 रुपये बनता है, 54 प्रतिशत के हिसाब से 54000 रुपये होगा। यानी डीए की दर में बढ़ोतरी के बाद उसके वेतन में 4000 रुपये का इजाफा हो जाएगा।
आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं
स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सदस्य और अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी.श्रीकुमार का कहना है, कर्मियों के डीए की मौजूदा दर 50 प्रतिशत है। इसमें पहली जुलाई से चार फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी। महंगाई तो लगातार बढ़ रही है। किसी महीने के सूचकांक में कुछ प्वाइंट का अंतर आ सकता है। जनवरी 2024 से 30 जून 2024 तक का चार्ट बनेगा तो उसके आधार पर डीए/डीआर में कम से कम चार फीसदी की बढ़ोतरी होना तय है। अब केंद्र सरकार के समक्ष आठवें वेतन आयोग के गठन की मांग रखी जा रही है। हालांकि सरकार ने अभी तक कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर कोई भरोसा नहीं दिया है। संसद में वित्त मंत्री का साफ कहना है कि आठवें वेतन आयोग के गठन की कोई योजना सरकार के विचाराधीन नहीं है। अब सभी कर्मचारी संगठन, सरकार पर दबाव बनाने के लिए आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं।





