
20 वर्ष तक रहे रेमंड ग्रुप के चेयरमैन, आज होगा अंतिम संस्कार
भारतीय उद्योग जगत के अग्रणी हस्तियों में शामिल और रेमंड ग्रुप को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने से न केवल कॉर्पोरेट जगत, बल्कि विमानन क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई है। रेमंड समूह के वर्तमान अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गौतम सिंघानिया ने ‘एक्स’ के माध्यम से उनके निधन की जानकारी साझा की। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। वर्ष 2006 में विजयपत सिंघानिया को देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था। वे एक जुनूनी विमान चालक भी थे और गर्म हवा के गुब्बारे से सर्वाधिक ऊंचाई तक पहुंचने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके थे।
विजयपत सिंघानिया ने 1980 से 2000 तक करीब दो दशकों तक रेमंड समूह का नेतृत्व किया। इसके बाद उन्होंने कंपनी की जिम्मेदारी अपने पुत्र गौतम सिंघानिया को सौंपते हुए अपनी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी भी उन्हें हस्तांतरित कर दी। जेके सिंघानिया द्वारा स्थापित नींव को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने रेमंड को 12,000 करोड़ रुपये के विशाल कारोबारी साम्राज्य में तब्दील किया। उनके नेतृत्व में ‘द कंप्लीट मैन’ जैसे विज्ञापन अभियान ने भारतीय परिवारों के बीच खास पहचान बनाई और रेमंड ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। हालांकि, कुछ वर्षों पहले उनके और उनके पुत्र के बीच कानूनी विवाद भी सामने आए, जिन्हें बाद में आपसी सहमति से सुलझा लिया गया।
विजयपत सिंघानिया को एयर कमोडोर की मानद उपाधि भी प्रदान की गई थी। वे एक दूरदर्शी उद्योगपति थे, जिन्होंने भारतीय वस्त्र उद्योग को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। उनका निधन एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन में जुनून और ईमानदारी को सर्वोपरि रखा और अब वे अपने पीछे एक प्रेरणादायी विरासत छोड़ गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।






