एपेक्स इंडस्ट्री एसोसिएशन, बूटस्ट्रैप इनक्यूबेशन एंड एडवाइजरी फाउंडेशन और इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ 18-20 मार्च से नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है।
देश में एक लाख से ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘अंतरिक्ष के 50 से अधिक सेक्टर्स में भारत के स्टार्टअप्स बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। भारत की युवा शक्ति का सामर्थ्य आज पूरी दुनिया देख रही है। आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत में है। देश में 1.25 लाख पंजीकृत स्टार्टअप हैं, जो 12 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं। भारत में 110 यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं और हमारे स्टार्टअप के पास 12 हजार से ज्यादा पेटेंट हैं। सरकार ने बजट में रिसर्च और इनोवेशन के लिए एक लाख करोड़ के फंड का एलान किया है।’
‘योग और आयुर्वेद के स्टार्टअप भी शुरू हुए’
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मुझे खुशी है कि आज कृषि, टेक्सटाइल, मेडिसिन, परिवहन, अंतरिक्ष और यहां तक कि योग और आयुर्वेद के स्टार्टअप भी शुरू हो चुके हैं।’
छोटे शहरों के युवा कर रहे स्टार्टअप क्रांति का नेतृत्व
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘देश ने स्टार्टअप इंडिया अभियान के तहत नए-नए इनोवेशन आइडियाज को एक प्लेटफॉर्म दिया, उनको फंडिंग के स्त्रोत से कनेक्ट किया। शैक्षणिक संस्थानों में इनक्यूबेटर स्थापित करने का अभियान भी चलाया और उसकी बाल वाटिका के रूप में हमने ‘अटल टिंकरिंग लैब’ शुरू की। भारत की स्टार्टअप क्रांति का नेतृत्व आज देश के छोटे शहरों के युवा कर रहे हैं।’
पिछले दशक में आईटी-सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में की तरक्की
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने आईटी और सॉफ्टवेयर की दुनिया में ऊंची छलांग लगाई और अब हम देख रहे हैं कि भारत इनोवेशन और स्टार्टअप संस्कृति विकसित करने के मामले में तेजी से बढ़ रहा है।
‘भारत ने सही समय पर सही फैसले लिए’
स्टार्टअप महाकुंभ में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि, ‘स्टार्टअप लॉन्च तो बहुत लोग करते हैं, राजनीति में तो ये बहुत ज्यादा होता है और बार बार लॉन्च करना पड़ता है। आप में और उनमें फर्क ये है कि आप लोग प्रयोगशील होते हैं, अगर एक लॉन्च नहीं हुआ तो तुरंत दूसरे पर चले जाते हैं। आज जब देश 2047 के विकसित भारत के रोडमैप पर काम कर रहा है, ऐसे समय में मुझे लगता है कि इस स्टार्टअप महाकुंभ का बहुत महत्व है। बीते दशकों में हमने देखा है कि भारत ने कैसे आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में अपनी छाप छोड़ी है। अब हम भारत में इनोवेशन और स्टार्टअप कल्चर का ट्रेंड लगातार बढ़ता हुआ देख रहे हैं। भारत आज अगर ग्लोबल स्टार्ट अप स्पेस के लिए नई उम्मीद, नई ताकत बनकर उभरा है, तो इसके पीछे एक सोचा समझा विजन रहा है। भारत ने सही समय पर सही निर्णय लिए हैं। सही समय पर स्टार्टअप्स को लेकर काम शुरू किया।’
21वीं सदी को भारत की सदी बनाएंगे ‘स्टार्टअप’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘स्टार्टअप महाकुंभ भारत की अभिनव प्रतिभा, कैन डू स्पिरिट और प्रभाव करने की प्रबल इच्छा शक्ति का एक प्रतीक है। 21वीं सदी स्टार्टअप की सदी है और स्टार्टअप इसे भारत की सदी बनाएंगे, ये मेरा पक्का विश्वास है।’
पिछले महीने, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस कार्यक्रम पर चर्चा की, इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय स्टार्टअप उद्योगों में क्रांति ला रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला बन रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के साथ एक महत्वाकांक्षी भारत को संरेखित करने से भारत की आजादी के 100 वर्षों तक की अवधि के दौरान आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिसे अमृत काल कहा जाता है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलना है।




