पाकिस्तान में बन रहे बांग्लादेश जैसे हालात, शहबाज शरीफ भी छोड़ सकते हैं देश

गरीबी.. कंगाली.. महंगाई से पाकिस्तान सरकार की बुनियाद हिली हुई है. पाकिस्तान में बांग्लादेश जैसे हालात बन रहे हैं. पड़ोसी मुल्क से चौंका देने वाली खबरें सामने आ रही है. पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले इसकी जीती-जागती तस्वीर देश की सड़कों पर देखने को मिली. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के लिए समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
इमरान के समर्थकों का प्रदर्शन
इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वीडियो में इमरान के समर्थकों को प्रदर्शन करते देखा जा सकता है. इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ ने शाहबाज सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. जानकारों की मानें तो पाकिस्तान की आधी से ज्यादा आबादी देश के बुरे हाल के लिए सरकार को कोस रही है. इसमें इमरान के समर्थकों का हल्लाबोल शहबाज शरीफ के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है. यह कहना गलत नहीं होगा कि पाकिस्तान में भी बांग्लादेश जैसे हालात देखने को मिल सकते हैं.
पीटीआई कार्यकर्ता सड़कों पर
बता दें कि मंगलवार देर रात पीटीआई के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. सड़कों पर हजारों की भीड़ थी. पीटीआई कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली भी निकाली. कई इलाके ऐसे भी थे जहां पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया. इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
पुलिस टीम ने सैकड़ों इमरान समर्थकों को हिरासत में लिया है. पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर इमरान खान की रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन की योजना थी. इससे पहले भी पीटीआई की तरफ से इमरान की रिहाई के लिए विशाल रैली की कई योजनाएं सामने आ चुकी हैं. पीटीआई का दावा है कि खान को जेल में “घटिया खाना” दिया जा रहा है.
पिछले साल 5 अगस्त को इमरान की गिरफ्तारी
याद दिला दें कि इमरान खान को पिछले साल 5 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. उन्हें पहले अटक जेल में रखा गया, फिर रावलपिंडी की अदियाला जेल में ले जाया गया. उन पर 200 से अधिक मामले दर्ज हैं और उनमें से कुछ में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है.
इमरान की पार्टी का चौंकाने वाला दावा
इससे पहले पीटीआई ने दावा किया था कि पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के आदेश पर खान को जेल में “घटिया खाना” दिया जा रहा है. जिससे उनकी तबीयत बिगड़ रही है. उन्होंने खान की तत्काल मेडिकल जांच की मांग की.

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading