मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज बिड़ला सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 11 मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क टैबलेट वितरित किए, साथ ही शिक्षक सम्मान पुस्तिका और शिविरा का विमोचन भी किया। पूरे प्रदेश में 55,800 विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इस अवसर पर शिक्षा विभाग ने शाला स्वास्थ्य परीक्षण पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं, जो नव पीढ़ी में चरित्र निर्माण की मजबूत नींव डालते हैं, जिससे वे सक्षम नागरिक बनते हैं। शिक्षकों के ज्ञान से ही मनुष्य विचारशील और करुणामय बनता है, जिससे एक प्रगतिशील और समावेशी समाज का निर्माण होता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान सबसे ऊंचा रहा है। शिक्षक अपनी प्रतिबद्धता और परिश्रम से शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं और समर्पण व निष्ठा के साथ विद्यार्थियों का जीवन समृद्ध करते हैं। विद्यालय केवल इमारतों, उपकरणों या सुविधाओं से नहीं, बल्कि शिक्षकों के अमूल्य ज्ञान से बनता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांव से लेकर शहर तक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम कर रही है। राजकीय विद्यालयों में कक्षाओं, लैब, पुस्तकालय और शौचालयों के निर्माण के लिए 350 करोड़ रुपये और 750 स्कूलों की मरम्मत के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, स्कूल और कॉलेजों में बिजनेस इनोवेशन प्रोग्राम के माध्यम से 1 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। अगले दो वर्षों में राज्य सरकार 20 आईटीआई और 10 पॉलिटेक्निक कॉलेज भी खोलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 80 लाख विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाया गया है, जिससे चिन्हित विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के तहत उपचार की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान के शिक्षक अन्य राज्यों के शिक्षकों से अधिक प्रतिभाशाली हैं और प्रदेश के शिक्षा ढांचे को और बेहतर बनाने की क्षमता रखते हैं। शिक्षकों के सहयोग से प्रदेश जल्द ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा। जरूरत के अनुसार विद्यालयों का क्रमोन्नयन किया जाएगा और नए विषय भी प्रारंभ किए जाएंगे।
राजस्थान में 55,000 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए






