कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘हमारी अर्थव्यवस्था के लिए अप्रवासन फायदेमंद है, लेकिन जब कुछ लोग इस व्यवस्था का गलत लाभ उठाते हैं और छात्रों को दिए गए लाभों का दुरुपयोग करते हैं, तो हम उन पर कड़ी कार्रवाई करते हैं।’
कनाडा ने अप्रवासन नियमों को सख्त करते हुए अप्रवासी कामगारों की संख्या पर नियंत्रण लगाया है और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को जारी किए जाने वाले वीज़ा की संख्या भी कम की है। यह उल्लेखनीय है कि 2024 में कनाडा ने 35% कम यानी 4,85,000 अंतरराष्ट्रीय छात्रों को वीज़ा जारी किए हैं। अगले साल, सरकार ने इसमें और 10% की कटौती कर इसे 4,37,000 करने की घोषणा की है। ट्रूडो ने अप्रवासन में और कटौती की घोषणा करते हुए लिखा कि ‘इस साल हम 35% कम अंतरराष्ट्रीय छात्रों को कनाडा आने की अनुमति दे रहे हैं और अगले साल भी इन संख्याओं में 10% की कमी की जाएगी। हमारी अर्थव्यवस्था के लिए अप्रवासन फायदेमंद है, लेकिन जब कुछ लोग इसका दुरुपयोग करते हैं तो हमें सख्त कदम उठाने पड़ते हैं।’ कनाडा के अप्रवासन, शरणार्थी और नागरिकता मंत्री मार्क मिलर ने भी अप्रवासियों की संख्या पर नियंत्रण के लिए कई और कदम उठाने की बात कही है।
कनाडा में अप्रवासियों का विरोध बढ़ रहा है, क्योंकि स्थानीय लोग घरों की बढ़ती कीमतों, महंगी स्वास्थ्य सेवाओं और कम होते रोजगार के अवसरों के लिए अप्रवासियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इन सब कारणों से कनाडा की सरकार ने अप्रवासन पर रोक लगाने के उपाय किए हैं, और सत्ताधारी लिबरल सरकार की आलोचना भी बढ़ रही है। यही कारण है कि ट्रूडो सरकार अप्रवासन पर सख्ती करके स्थानीय मतदाताओं की नाराजगी कम करने का प्रयास कर रही है।
कनाडा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीजा में कमी करेगा, ट्रूडो





