ट्रंप और जेलेंस्की के बीच शांति समझौते के लेकर हो रही बातचीत जुबानी जंग में बदली, एक-दूसरे पर लगाए आरोप-प्रत्यारोप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच जो हुआ, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। ओवल ऑफिस में एक बैठक के दौरान ट्रंप ने जेलेंस्की को कड़ी फटकार लगाई और उन पर लाखों लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति की नीतियां तीसरे विश्व युद्ध को भड़का सकती हैं। इसके बाद जेलेंस्की बिना किसी महत्वपूर्ण खनिज समझौते पर हस्ताक्षर किए व्हाइट हाउस छोड़कर चले गए।
रूस-यूक्रेन शांति वार्ता अचानक एक जुबानी जंग में तब्दील हो गई। ट्रंप और जेलेंस्की ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए और तीखी बहस की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि ट्रंप ने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से चले जाने और किसी समझौते पर सहमति बनने के बाद ही वापस लौटने को कह दिया। इसके बाद जेलेंस्की ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में ट्रंप से माफी मांगने से इनकार कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के कारण अमेरिका और यूक्रेन के बीच प्रस्तावित खनिज समझौता रद्द हो गया और जेलेंस्की को खाली हाथ लौटना पड़ा। हालांकि, ‘एक्स’ पर उन्होंने ट्रंप को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यूक्रेन को न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की जरूरत है।
माफी नहीं मांगी
यूक्रेन-अमेरिका वार्ता की असफलता के बाद जेलेंस्की ने फॉक्स न्यूज को एक विशेष साक्षात्कार दिया, जिसमें उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया, लेकिन यह स्वीकार किया कि यह प्रकरण दोनों पक्षों के लिए अच्छा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका समर्थन वापस लेता है, तो यूक्रेन के लिए रूस से रक्षा करना बेहद कठिन होगा। उन्होंने यह भी दुख जताया कि यह पूरा घटनाक्रम टेलीविजन पर प्रसारित हुआ और अनुरोध किया कि इसे सही किया जाए। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ट्रंप से माफी मांगनी चाहिए, तो उन्होंने जवाब दिया, “नहीं। मैं राष्ट्रपति का सम्मान करता हूं, अमेरिकी जनता का सम्मान करता हूं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमने कुछ गलत किया है।” हालांकि, टीवी कार्यक्रम के अंत में जेलेंस्की ने सामान्य रूप से माफी मांगी, लेकिन ट्रंप के मामले में इससे इनकार कर दिया।
बैठक में बढ़ता तनाव
ओवल ऑफिस की बैठक में ट्रंप ने जेलेंस्की को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि उनकी कार्रवाई से तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो सकता है। इसके बाद जेलेंस्की ने अमेरिका के साथ महत्वपूर्ण खनिज समझौते पर हस्ताक्षर किए बिना व्हाइट हाउस छोड़ दिया। ट्रंप ने इस समझौते को यूक्रेन को भविष्य में समर्थन देने की एक शर्त बताया था।
लंच रद्द, 10 मिनट की तीखी बहस
ट्रंप, जेलेंस्की और प्रतिनिधिमंडल को एक साथ दोपहर का भोजन करना था, लेकिन यह योजना रद्द हो गई। कर्मचारियों को भोजन की प्लेटें पैक करते हुए देखा गया। इसके अलावा, ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जेलेंस्की के बीच लगभग 45 मिनट की बैठक हुई, जिसमें अंतिम 10 मिनट काफी गरमागरम बहस में बदल गए। जेलेंस्की ने रूस की कूटनीतिक प्रतिबद्धताओं पर सवाल उठाए और मास्को द्वारा तोड़ी गई संधियों का हवाला दिया।
विवाद की शुरुआत
तनाव तब बढ़ा जब वेंस ने जेलेंस्की से कहा कि अमेरिकी मीडिया के सामने ओवल ऑफिस में अपने मुद्दों को उठाना अपमानजनक है। इस पर जेलेंस्की ने आपत्ति जताने की कोशिश की, लेकिन ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा, “आप लाखों लोगों की ज़िंदगी से खेल रहे हैं। आप तीसरे विश्व युद्ध को आमंत्रित कर रहे हैं और यह बहुत अपमानजनक है, खासकर उस देश के लिए, जिसने आपको इतना समर्थन दिया है।”
ट्रंप की चेतावनी
बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को सैन्य सहायता जारी रखेगा, लेकिन वह अधिक हथियार नहीं भेजेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका युद्ध के खत्म होने का इंतजार कर रहा है। ट्रंप ने जेलेंस्की को चेतावनी देते हुए कहा, “आप अच्छी स्थिति में नहीं हैं।” वेंस ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए जेलेंस्की से कहा, “बस शुक्रिया कहिए।” इस पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम से कोई परेशानी नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी जनता के लिए एक खुलासा करने वाला दृश्य होगा।
ट्रंप ने जेलेंस्की की मंशा पर संदेह जताया
ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल संघर्ष विराम की इच्छा जताई और चेतावनी दी कि यदि जेलेंस्की शांति स्थापित नहीं करते, तो उन्हें अमेरिकी समर्थन खोने के लिए तैयार रहना चाहिए। बाद में, ट्रंप ने मीडिया से कहा, “यह व्यक्ति शांति नहीं चाहता। मैं चाहता हूं कि तुरंत युद्धविराम हो।” उन्होंने यह भी कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति समझौते के लिए तैयार हैं, जबकि जेलेंस्की ने अमेरिका को चेतावनी दी कि पुतिन की मंशाओं को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।





