अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का नवीनीकरण किया जा रहा है, जिनमें राजस्थान के 85 स्टेशन भी शामिल हैं। इन स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। मंगलवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान के जयपुर स्थित गांधीनगर रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस स्टेशन का पुनर्विकास 210 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस दौरान रेल मंत्री ने स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।
स्टेशन पर उपलब्ध होंगी ये सुविधाएं रेल मंत्री ने बताया कि गांधीनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर 200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, वेटिंग रूम, लाउंज, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्टेशन पर 9 लिफ्ट और 4 एस्केलेटर होंगे, साथ ही 2500 वर्ग मीटर से अधिक का रूफ प्लाजा भी होगा। इस रूफ प्लाजा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि शहर के दोनों तरफ से आने वाले लोगों के लिए यह सुविधाजनक होगा। यहां यात्रियों के ठहरने, बच्चों के खेलने, खाने-पीने और किताबें रखने की जगह भी होगी। यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बेसमेंट का काम भी चल रहा है।
कवच 4.0 की सफल परीक्षण उल्लेखनीय है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मंगलवार (24 सितंबर) को स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) कवच 4.0 के ट्रायल के लिए राजस्थान पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के ट्रायल के लिए वे सवाई माधोपुर गए। उन्होंने सवाई माधोपुर से कोटा के बीच ट्रेन में सफर किया और ‘कवच 4.0’ का सफल परीक्षण किया।
210 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा राजस्थान के जयपुर का गांधीनगर रेलवे स्टेशन






