ब्यावर जिले के एक सरकारी स्कूल में नमाज पढ़ने के आरोप में दो शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। शिक्षिका असमा परवीन को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि दूसरी शिक्षिका शगुफ्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक कार्यालय को भेजा गया है। यह मामला ब्यावर खास सीनियर सेकेंडरी स्कूल का है, जहां आरोप है कि दोनों शिक्षिकाएं स्कूल परिसर में नमाज पढ़ती थीं और छात्रों को भी नमाज पढ़ने के लिए प्रेरित करती थीं।
ब्यावर के जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अजय कुमार गुप्ता ने बताया, “पिछले लंबे समय से ब्यावर खास स्कूल में दो शिक्षिकाएं छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए उकसा रही थीं। इसकी शिकायत शिक्षा विभाग को मिली थी। जांच के बाद आरोप सही पाए गए। इस कारण शिक्षिका असमा परवीन को सस्पेंड कर दिया गया। दूसरी शिक्षिका शगुफ्ता, जो सेकंड ग्रेड में हैं, को अपने स्तर पर सस्पेंड नहीं किया जा सकता था, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त निदेशक कार्यालय को भेजा गया है।”
शिक्षिकाओं को कई बार स्कूल प्रशासन द्वारा चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसका उन पर कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद स्कूल प्रशासन और गांव वालों ने इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से की। अजय कुमार गुप्ता ने एक जांच समिति का गठन किया, जिसमें अतीत मंड स्कूल की प्रिंसिपल विमल चौहान और गणेशपुरा स्कूल के प्रधानाचार्य सुनील व्यास को जांच करने के आदेश दिए। जांच में दोनों शिक्षिकाओं ने स्कूल परिसर में नमाज पढ़ने की पुष्टि की।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहले ही निर्देश दिए थे कि टीचर स्कूल छोड़कर नमाज पढ़ने नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि नमाज के नाम पर स्कूल से गायब होने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई शिक्षक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना चाहता है, तो उसे छुट्टी लेकर जाना होगा।
स्कूल में नमाज पढ़ने के आरोप में एक अध्यापिका निलंबित, दूसरी पर कार्रवाई के लिए निदेशालय को भेजी रिपोर्ट






