भारतवंशी उम्मीदवार सुहास सुब्रमण्यम ने पहली बार अमेरिकी संसद के निचले सदन, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, के चुनाव में भाग लेकर उसमें जीत हासिल की है। इसके साथ ही, वे वर्जिनिया और ईस्ट कोस्ट के किसी राज्य से चुनाव जीतने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ संसद की कई सीटों के लिए भी मतदान चल रहा है। रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के बीच राष्ट्रपति चुनाव का मुकाबला रोमांचक बना हुआ है, जबकि संसदीय चुनावों में भी दोनों पार्टियों के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है। इसी दौरान, भारतवंशी सुहास सुब्रमण्यम ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में जीत दर्ज की है, और वर्जिनिया व ईस्ट कोस्ट राज्य से ऐसा करने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं।
38 वर्षीय सुहास वर्जिनिया और ईस्ट कोस्ट के 10वें जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार थे, और उनका मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के माइक क्लैंसी से था। जीत के बाद सुहास ने वर्जिनिया के 10वें जिले की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह गर्व का क्षण है। यह जिला मेरा घर है, मेरी शादी यहीं हुई, और मेरी पत्नी मिरांडा और मैं अपनी बेटियों को यहीं बड़ा कर रहे हैं। इस समुदाय की समस्याएं मेरे परिवार की समस्याएं हैं, और वॉशिंगटन में अपने जिले का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात होगी।”
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में वर्जिनिया के 10वें संसदीय जिले से खड़े हुए सुहास मौजूदा समय में वर्जिनिया के सीनेटर हैं और भारतीय-अमेरिकी समुदाय में लोकप्रिय हैं। वे हिंदू धर्म को मानते हैं और पहले बराक ओबामा के प्रशासन में सलाहकार रह चुके हैं। अपनी इस जीत के साथ ही सुहास भारतीय-अमेरिकी ‘समोसा कॉकस’ में शामिल हो गए हैं, जिसमें अमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और श्री थानेदार जैसे नेता पहले से शामिल हैं।
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