राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार दोपहर महाराष्ट्र के चार दिवसीय दौरे से जयपुर लौट आए। लौटते ही उन्होंने विभिन्न विभागों की बैठकें कीं और “राइजिंग राजस्थान” की तैयारियों की समीक्षा की। खेल और युवा मामलों की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्थान को खेलों में अग्रणी राज्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि खेलों में राजस्थान नई ऊंचाइयों को छुए।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्रीओ में आयोजित बैठक में कहा कि युवाओं और खिलाड़ियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही “युवा एवं खेल नीति” लागू की जाएगी। इस नीति में विज्ञान, विश्लेषण, काउंसलिंग और खिलाड़ियों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि “खेलो इंडिया यूथ गेम्स” की तर्ज पर “खेलो राजस्थान यूथ गेम्स” का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीण युवाओं को खेल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से पहले चरण में 10,000 की आबादी वाली 163 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जहां ओपन जिम और खेल मैदान बनाए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में खेलों को उच्चतम स्तर पर ले जाने के लिए “मिशन ओलंपिक 2028” की शुरुआत की गई है। इसके तहत राज्य के 50 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ओलंपिक की तैयारी के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी। इस योजना के तहत जयपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्पोर्ट्स” का निर्माण किया जाएगा।
राजस्थान: ग्रामीण युवाओं को खेल प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के लिए सरकार ने 163 ग्राम पंचायतों को चुना





