ब्रिटेन जल्द ही विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगोड़ों पर कार्रवाई कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह मुद्दा ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के सामने उठाया है। जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने माइग्रेशन प्रक्रियाओं को तेज करने की जरूरत पर सहमति जताई। यह प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर के बीच पहली मुलाकात थी। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी, जबकि स्टार्मर ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, व्यापार, नई और उभरती टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन, ग्रीन इकोनॉमी जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अलावा, भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी बात हुई।
गौरतलब है कि नीरव मोदी और विजय माल्या भारतीय कानून से फरार भगोड़े हैं। नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक के 2 अरब डॉलर के घोटाले सहित मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप हैं। मार्च 2018 में, नीरव मोदी ब्रिटेन में पाया गया और उसने राजनीतिक शरण मांगी थी। वहीं, विजय माल्या पर किंगफिशर कंपनी के डूबने और बैंकों से धोखाधड़ी का आरोप है। 2017 में, उसे अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने के लिए अवमानना का दोषी ठहराया गया था। 2022 में, सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या को चार महीने की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के सामने उठाया भगोड़ों का मुद्दा, माल्या-नीरव पर अब कसेगा शिकंजा






